अयोध्या से चुनाव लड़ने की योगी की चुनौती पर अखिलेश का जवाब, बोले- जनता घमंड का पानी उतार देगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। अखिलेश ने एक्स पर जवाब देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। जानिए पूरा सियासी घटनाक्रम।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। इसके जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर अखिलेश खुद अयोध्या से नामांकन करें तो वह भी वहां से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। अब अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार किया है। हालांकि, दोनों नेताओं के बयानों से फिलहाल किसी वास्तविक चुनावी मुकाबले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
योगी बोले- अयोध्या से नामांकन करें अखिलेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बलरामपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव की चुनौती का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश अयोध्या से अपना नामांकन करें, वह भी वहां से चुनाव लड़ेंगे। योगी ने कहा कि मुकाबला आमने-सामने होना चाहिए, किसी प्रतिनिधि या समर्थक के जरिए नहीं।
बलरामपुर में मुख्यमंत्री 803 करोड़ रुपये की लागत वाली 78 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अयोध्या से चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं, लेकिन खुद मैदान में उतरने का साहस दिखाएं। योगी ने अपने भाषण में सपा प्रमुख के लिए तीखी राजनीतिक टिप्पणी भी की।
अखिलेश यादव ने एक्स पर दिया जवाब
मुख्यमंत्री की चुनौती के कुछ समय बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “पवन का झोंका आएगा, अहंकार सब उड़ जाएगा।” उन्होंने अयोध्या में चढ़ावे, चंदे और दान से जुड़े कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी का एक युवा ‘पीडीए प्रहरी’ भी भाजपा को चुनौती देने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को कथित अनियमितताओं के मामले में क्लीन चिट देकर जिम्मेदारी से बचाया जा रहा है। अखिलेश ने अपने पोस्ट में अयोध्या की जनता और महिलाओं से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।
उनका कहना था कि जनता आगामी चुनाव में अहंकार का जवाब देगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के आंतरिक सर्वे में अयोध्या से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों की कमी सामने आई है। यह दावा अखिलेश यादव की ओर से किया गया है।
पवन पांडेय का वीडियो साझा कर फिर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अपनी पहली पोस्ट के करीब दो घंटे बाद अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय का एक वीडियो भी साझा किया। वीडियो में पांडेय भाजपा पर आरोप लगाते सुनाई देते हैं। इसके साथ अखिलेश ने चढ़ावे, चंदे और दान से जुड़े आरोप दोहराए और कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
क्या अयोध्या में होगा सीधा मुकाबला?
योगी और अखिलेश के बयानों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख के बीच अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर बयानबाजी अभी चुनौती और जवाब तक सीमित है। दोनों में से किसी की उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा सामने आने पर ही सीधे मुकाबले की स्थिति स्पष्ट होगी।
अयोध्या का राजनीतिक महत्व 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद और बढ़कर सामने आया, जब फैजाबाद सीट पर समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में आने वाले चुनावों में अयोध्या भाजपा और सपा, दोनों के लिए अहम राजनीतिक केंद्र बनी रह सकती है।


