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प्रशांत भूषण की ‘रेजीम चेंज’ वाली बात से योगेंद्र यादव असहमत, बोले- अभी जनता की मांग निष्पक्ष चुनाव

योगेंद्र यादव ने प्रशांत भूषण के ‘रेजीम चेंज’ वाले बयान से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि CJP के आंदोलन का उद्देश्य फिलहाल निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए, सत्ता परिवर्तन नहीं।

प्रशांत भूषण की ‘रेजीम चेंज’ वाली बात से योगेंद्र यादव असहमत, बोले- अभी जनता की मांग निष्पक्ष चुनाव
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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन संबंधी बयान से असहमति जताई है। स्वराज इंडिया के प्रमुख यादव का कहना है कि किसी भी आंदोलन का नेतृत्व करते समय जनता की भावनाओं और मांगों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके मुताबिक, फिलहाल आंदोलन से जुड़े आम लोगों की प्रमुख मांग निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराना है, न कि सड़क पर आंदोलन के जरिए सत्ता बदलना।

आंदोलन का उद्देश्य जनता तय करे: योगेंद्र यादव

एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में योगेंद्र यादव ने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं की राय और आम जनता की सोच में अंतर हो सकता है। ऐसे में आंदोलन के नेताओं को अपनी मांगें जनता की वास्तविक अपेक्षाओं के अनुरूप रखनी चाहिए।

यादव ने कहा कि आंदोलन का नेतृत्व करने वाले लोगों को जनता से बहुत आगे निकलने के बजाय उसकी आवाज सुननी चाहिए। उनके मुताबिक, आंदोलन में आम लोगों की भागीदारी बढ़ना उसकी ताकत है और नेताओं को अपने अति उत्साह में ऐसी मांगें नहीं रखनी चाहिए, जिनसे आंदोलन को नुकसान पहुंचे।

उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक फैसलों में यह समझना जरूरी है कि जनता किन मुद्दों पर सहमत है। आंदोलन की मांगें उसी साझा बिंदु तक सीमित रहनी चाहिए, जहां आम लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सोच मिलती है।

प्रशांत भूषण ने आंदोलन को बताया था सत्ता परिवर्तन की लड़ाई

हाल ही में प्रशांत भूषण ने CJP की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को ‘रेजीम चेंज’ की लड़ाई बताया था।

वहीं, आंदोलन से जुड़ी नेहा बोरा ने बांग्लादेश में हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए उन्हें बदलाव के उदाहरण के रूप में पेश किया था। इन बयानों के बाद आंदोलन के उद्देश्य को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई। बीजेपी ने भी इन टिप्पणियों के आधार पर आंदोलन की मंशा पर सवाल उठाए।

CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसके बाद सफाई देते हुए कहा कि संगठन गांधीवादी तरीके से निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रहा है, न कि सत्ता परिवर्तन की।

‘आज जनता रेजीम चेंज नहीं चाहती’

योगेंद्र यादव ने कहा कि भविष्य में परिस्थितियां बदल सकती हैं और जनता खुद सत्ता परिवर्तन की मांग कर सकती है। लेकिन उनके आकलन के अनुसार, फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आम नागरिक की प्राथमिकता निष्पक्ष चुनाव कराना हो सकती है, भले ही चुनाव में कोई भी पार्टी जीते या हारे।

यादव के मुताबिक, यदि लंबे समय तक निष्पक्ष चुनाव की मांग पर कोई प्रगति नहीं होती और लोगों को लगे कि सभी संवैधानिक विकल्प निष्प्रभावी हो गए हैं, तो आंदोलन का स्वरूप बदल सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी वह स्थिति नहीं है।

चुनाव के जरिए सत्ता परिवर्तन को प्राथमिकता

योगेंद्र यादव ने कहा कि सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव होना चाहिए। उनके अनुसार, आंदोलन के जरिए सत्ता परिवर्तन आखिरी विकल्प के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि इसकी सामाजिक और राजनीतिक कीमत बहुत बड़ी हो सकती है।

उनकी टिप्पणी ने CJP के आंदोलन के उद्देश्य और रणनीति पर बहस को नया आयाम दिया है। एक ओर निष्पक्ष चुनाव की मांग को केंद्र में रखने की बात है, तो दूसरी ओर आंदोलन की व्यापक राजनीतिक दिशा को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं।


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