महिला आरक्षण संशोधन बिल पर संसद में पेश, 18 घंटे होगी बहस, विपक्ष ने किया विरोध
महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। लोकसभा में इस बिल पर 16-17 अप्रैल को 18 घंटे चर्चा होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का पक्ष रखेंगे और जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे। इसके बाद वोटिंग कराई जाएगी। 18 अप्रैल को राज्यसभा में 10 घंटे चर्चा और वोटिंग होगी।

नई दिल्ली। लोकसभा में गुरुवार को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा विधेयक संसद में पेश किया। गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन से जुड़ा विधेयक प्रस्तुत किया। महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर संसद में आज से अहम चर्चा होने जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बिल पर लोकसभा में बोलेंगे और सरकार के फैसले की विस्तृत जानकारी देंगे। महिला आरक्षण बिल पर चर्चा का जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे। लोकसभा में इस मुद्दे पर 16 और 17 अप्रैल को चर्चा होगी, जिसके बाद वोटिंग कराई जाएगी। महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में कुल 18 घंटे चर्चा के लिए तय किए गए हैं।
राज्यसभा में 18 अप्रैल को चर्चा और वोटिंग
लोकसभा के बाद 18 अप्रैल को राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा और वोटिंग होगी। राज्यसभा में चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान 16 और 17 अप्रैल को राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव भी कराया जाएगा। सरकार लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए एक अहम कदम उठाने जा रही है। इसके तहत स्पीकर सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन से जुड़े प्रावधानों वाला विधेयक संसद में पेश किया जाएगा।
सरकार के तीनों बिलों का विपक्ष ने किया जमकर विरोध
लोकसभा में आज संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने का प्रस्ताव कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रखा। इसके साथ ही उन्होंने परिसीमन विधेयक, 2026 को भी सदन में पेश करने का प्रस्ताव रखा। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश क़ानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने का प्रस्ताव किया।
इस दौरान कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने तीनों विधेयकों- संविधान संशोधन, केंद्र शासित प्रदेश क़ानून संशोधन और परिसीमन विधेयक के पेश किए जाने का विरोध किया। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि के.सी. वेणुगोपाल विधेयकों के गुण‑दोष पर नहीं, बल्कि केवल तकनीकी आधार पर ही विरोध दर्ज करा सकते हैं। अमित शाह ने कहा कि बहस के दौरान सरकार विपक्ष को मजबूत जवाब देगी।
महिला आरक्षण पर अखिलेश ने सरकार को घेरा
सपा सांसद अखिलेश यादव ने संसद में साफ कहा कि हम महिला आरक्षण के समर्थन में हैं। लेकिन सरकार जल्दबाजी कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार पहले जनगणना कराए उसके बाद आरक्षण लागू करे। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में पेश किए गए तीनों विधेयकों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये विधेयक संविधान को तोड़ने‑मरोड़ने की कोशिश हैं और इनका उद्देश्य लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करना है।


