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ईरान को एक और बड़ा झटका, US-इजरायली हमलों में खुफिया चीफ की मौत; कौन थे माजिद खादेमी?

ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख की सोमवार को एक हमले में मौत हो गई। IRGC ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया है कि खादेमी की हत्या कहां हुई।

ईरान को एक और बड़ा झटका, US-इजरायली हमलों में खुफिया चीफ की मौत; कौन थे माजिद खादेमी?
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तेहरान। Iran War Updates: ईरान युद्ध का आज 38वां दिन है। इस बीच, इजरायल और अमेरिकी फौजों ने ईरान को बड़ा झटका दिया है। सोमवार को राजधानी तेहरान में तड़के किए गए हमलों में ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के खुफिया विभाग के प्रमुख माजिद खादेमी की मौत हो गई है। IRGC ने खुद ये जानकारी दी है। हालांकि IRGC ने यह विस्तार से नहीं बताया कि उनके इंटेलिजेंस चीफ की मौत कहाँ हुई, लेकिन ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब राजधानी तेहरान के आसपास के रिहायशी इलाकों को कई हवाई हमलों में निशाना बनाया गया है।

IRGC ने बताया कि सोमवार को इजरायली हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के इंटेलिजेंस प्रमुख की मौत हो गई। गार्ड ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इंटेलिजेंस संगठन के शक्तिशाली और शिक्षित प्रमुख, मेजर जनरल माजिद खादेमी, आज सुबह अमेरिकी-ज़ायोनी दुश्मन द्वारा किए गए एक आपराधिक आतंकवादी हमले में शहीद हो गए।”

कौन थे मेजर जनरल माजिद खादेमी?

माजिद खादेमी ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी थे। उन्होंने 2022 में जनरल मोहम्मद काज़ेमी की जगह ली थी, जिन्हें इजरायल ने उसी साल जून में हुए 12-दिवसीय युद्ध में मार गिराया था। वे 2022 से IRGC के इंटेलिजेंस प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे और 2025 से IRGC के इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख के तौर पर भी दोहरी भूमिका निभा रहे थे।

'स्थायी और शिक्षाप्रद योगदान दिया'

IRGC ने उनकी मौत पर एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्हें सदगुणों की खान बताया गया है। बयान के अनुसार, खादेमी ने खुफिया और सुरक्षा के क्षेत्रों में क्रांति, व्यवस्था और इस्लामी मातृभूमि की लगभग आधी सदी तक ईमानदारी और साहस के साथ रक्षा करते हुए महत्वपूर्ण, स्थायी और शिक्षाप्रद योगदान दिया है। IRGC ने कहा कि उनके प्रयास देश के खुफिया समुदाय के लिए आने वाले कई वर्षों तक एक मार्गदर्शक प्रकाश का काम कर सकते हैं, खासकर जब “रणनीतिक स्तर पर विदेशी दुश्मनों का सामना करना हो।”

IRGC के खुफिया संगठन के पास व्यापक शक्तियां

बता दें कि IRGC के खुफिया संगठन के पास ईरान में व्यापक शक्तियां हैं और यह केवल देश के सर्वोच्च नेता के प्रति जवाबदेह है। इसे अक्सर पश्चिमी नागरिकों या विदेश से संबंध रखने वाले लोगों की हिरासत से जोड़ा जाता रहा है। इस पर देश की धर्म-आधारित शासन व्यवस्था के विरोधियों को निशाना बनाते हुए देश के बाहर हत्याएं और हमले करने का भी आरोप लगाया गया है।


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