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नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी TMC उम्मीदवार ने वापस लिया नाम, ममता बनर्जी के सामने बढ़ी चुनौती

पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले रेजीनगर से TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस ले लिया। इससे पहले नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे भी चुनाव मैदान से हट चुकी हैं।

नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी TMC उम्मीदवार ने वापस लिया नाम, ममता बनर्जी के सामने बढ़ी चुनौती
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। रेजीनगर से ममता बनर्जी खेमे के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी के नामांकन वापस लेने की खबर के बाद अब नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर TMC खेमे की चुनावी रणनीति चर्चा में आ गई है। रबीउल को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे ने रेजीनगर से उम्मीदवार बनाया था।

नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी उम्मीदवार ने छोड़ा मैदान

रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी के नामांकन वापस लेने के पीछे चुनाव चिह्न और उससे जुड़ी परिस्थितियों का हवाला दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने मतदाताओं के बीच नए चुनाव चिह्न को लेकर पहचान बनाने में कठिनाई को अपने फैसले की वजह बताया है।

इससे पहले 18 सितंबर को नंदीग्राम से ममता खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। नामांकन वापस लेने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने चुनाव मैदान से हटने का फैसला किया।

TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर भी विवाद

इन घटनाक्रमों के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी TMC खेमों को आगामी उपचुनाव के लिए अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे को ‘ममता आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबाल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है, जबकि दूसरे खेमे को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘ लिफाफा’ चिह्न मिला है।

इससे पहले दोनों गुटों को उपचुनाव में मूल आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और ‘जोड़़ा घास फूल’ वाले पारंपरिक चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया गया था। चुनाव आयोग का यह फैसला भी बंगाल की राजनीति में विवाद का विषय बना हुआ है।

ममता ने कांग्रेस को दिया समर्थन, फिर गिरफ्तार हुए उम्मीदवार

नंदीग्राम में संचिता प्रधान डे के हटने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। उन्होंने इसे INDIA ब्लॉक को मजबूत करने से जोड़ते हुए कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही।

हालांकि, इस घोषणा के कुछ घंटे बाद ही मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े एक पुराने हत्या मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार उनके खिलाफ लंबित वारंट था। कांग्रेस और ममता खेमे ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया, जबकि BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है।

अब रेजीनगर में भी TMC उम्मीदवार के हटने से उपचुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। 6 अक्टूबर के मतदान से पहले दोनों सीटों पर बदलते उम्मीदवारों, नए चुनाव चिह्नों और दलों के बीच बन रहे समीकरणों पर सभी की नजर है।


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