Top
Begin typing your search above and press return to search.

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर घमासान, TMC सांसद कल्याण बनर्जी पहुंचे हाईकोर्ट; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के कथित पुलिस निर्देशों पर विवाद बढ़ गया है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों के लाउडस्पीकर पर घमासान, TMC सांसद कल्याण बनर्जी पहुंचे हाईकोर्ट; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
X

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद तेज हो गया है। पुलिस की ओर से मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के कथित निर्देशों के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले पर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जिसके बाद यह मुद्दा राज्य की राजनीति में भी गरमा गया है।

कल्याण बनर्जी ने पुलिस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी

कल्याण बनर्जी की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस बिना किसी स्पष्ट लिखित सरकारी आदेश, सार्वजनिक अधिसूचना या आधिकारिक निर्देश के कुछ मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर अदालतों ने पहले ही डेसिबल सीमा और अन्य नियम निर्धारित किए हैं।

मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति अतरूप बनर्जी की पीठ कर रही है। कल्याण बनर्जी ने 1996 के एक फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए निर्धारित ध्वनि सीमा से जुड़े नियमों का उल्लेख किया गया था।

उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब 4,000 मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए गए हैं। हालांकि, इन दावों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की न्यायिक प्रक्रिया में जांच होनी बाकी है।

टीएमसी का आरोप- पुलिस जरूरत से ज्यादा सक्रिय

इस मामले को लेकर टीएमसी नेताओं ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि यदि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। किसी एक धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।

मुर्शिदाबाद क्षेत्र के कुछ सांसदों ने भी सरकार से कार्रवाई रोकने की अपील की है। उनका आरोप है कि कई जगहों पर पुलिस ने मस्जिद प्रबंधन से माइक्रोफोन हटाने के लिए दबाव बनाया और पर्याप्त समय भी नहीं दिया।

'नियम सभी धर्मों पर समान रूप से लागू हों'

सांसदों ने कहा कि लाउडस्पीकर को लेकर जो भी नियम हैं, वे सभी धार्मिक स्थलों और समुदायों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उनका कहना है कि सरकार को अदालतों के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए धार्मिक सौहार्द बनाए रखना चाहिए।

इस विवाद के बीच अब सबकी नजर कलकत्ता हाईकोर्ट की सुनवाई पर है। अदालत के रुख से यह स्पष्ट होगा कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की पुलिस कार्रवाई किस कानूनी आधार पर हुई और आगे इसके लिए क्या दिशा-निर्देश तय किए जाते हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it