पश्चिम बंगाल चुनाव: हिंसा की आशंका पर सुप्रीम कोर्ट 11 मई को करेगा सुनवाई, केंद्रीय बलों की तैनाती पर फैसला संभव
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हिंसा की आशंका पर सुप्रीम कोर्ट 11 मई को सुनवाई कर सकता है। केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट ने दिए संकेत।

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद संभावित हिंसा को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। शीर्ष अदालत ने कहा है कि वह इस मामले पर 11 मई को सुनवाई करने पर विचार कर सकती है। याचिका में मांग की गई है कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखी जाए।
मामले का उल्लेख किए जाने पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने प्रारंभिक तौर पर कहा कि याचिकाकर्ता इस मुद्दे को कलकत्ता हाई कोर्ट में भी उठा सकते हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे निर्णय आमतौर पर राज्य की कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि मतदान और मतगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस विषय में आयोग का कोई अधिकार नहीं रह जाता है। आयोग ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है।
दोनों पक्षों की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह 11 मई को इस मामले पर विस्तार से विचार कर सकता है। इस मामले ने चुनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्यों में चुनाव के बाद भी केंद्रीय बलों की मौजूदगी शांति बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकती है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मुद्दे पर कोई महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है।


