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भारत यात्रा पर आएंगे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पुतिन की सम्मेलन में शामिल होना तय है। हालांकि सम्मेलन की आधिकारिक तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं।

भारत यात्रा पर आएंगे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे
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नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत का दौरा करेंगे। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन एक वार्षिक बैठक है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के नेता शामिल होते हैं। इसके अलावा इसमें नए सदस्य देश भी शामिल हैं।

इस बैठक में आर्थिक सहयोग, व्यापार, वैश्विक शासन और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है। यह मंच उभरती अर्थव्यवस्थाओं को नीतियों के समन्वय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सामूहिक आवाज उठाने का अवसर देता है।

क्रेमलिन प्रवक्ता ने की पुष्टि

रूसी समाचार एजेंसी तास ने क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के हवाले से बुधवार को जानकारी दी कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन इस साल भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में निश्चित रूप से शामिल होंगे।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तारीखों की नहीं हुई घोषणा

अभी तक शिखर सम्मेलन की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन पहले 'तास' ने भारत सरकार के एक सूत्र के हवाले से बताया था कि यह सम्मेलन 12 से 13 सितंबर के बीच आयोजित किया जा सकता है।

ब्रिक्स में अब 11 देश हो गए शामिल

ब्रिक्स वर्तमान में 11 सदस्य देशों का एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसकी शुरुआत 2006 में चार देशों (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) के साथ हुई थी, जिसे तब 'ब्रिक' (BRIC) कहा जाता था। लेकिन 2010 में इसमें दक्षिण अफ्रीका शामिल हो गया जिसके बाद इसे ब्रिक्स कहा जाने लगा। लेकिन अब कुछ और देशों को इससे जोड़ा गया है जिनमें मिश्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया शामिल हैं।

इससे पहले दिसंबर में भारत आए थे पुतिन

इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर, 2025 को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका जोरदार स्वागत किया था। इस यात्रा के दौरान आर्थिक संबंधों, ऊर्जा सहयोग और रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर चर्चा की गई थी। नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की थी।


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