विकसित भारत के लिए सुधारों पर चर्चा, मंत्रियों के साथ बैठक में क्या हुई बात, पीएम मोदी ने खुद बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल मंत्रिपरिषद की एक सार्थक बैठक हुई। हमने ईज ऑफ लिविंग और 'व्यापार करने की सुगमता' (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देने से जुड़े विचारों और बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने क्या कहा जानिए।

5 देशों के दौरे से लौटते ही पीएम मोदी ने की बड़ी बैठक
प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश दौरों से लौटने के बाद गुरुवार को मंत्रिपरिषद बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक शाम 5 बजे 'सेवा तीर्थ' में हुई, जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री, राज्यमंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री भी शामिल हुए। यह इस साल की पहली पूरी मंत्रिपरिषद बैठक हुई। मंत्रिपरिषद की ऐसी पिछली पूर्ण बैठक 4 जून, 2025 को आयोजित की गई थी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर गुरुवार को हुई बैठक के निर्णयों की जानकारी सामने नहीं आई थी।
Had a fruitful meeting of the Council of Ministers yesterday. We exchanged perspectives and best practices relating to boosting ‘Ease of Living, ‘Ease of Doing Business’ and how to further reforms in order to realise our shared dream of a Viksit Bharat. pic.twitter.com/ifKpB8le17
— Narendra Modi (@narendramodi) May 22, 2026
प्रधानमंत्री ने बताया किन मुद्दों पर हुई बात
अगले दिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'कल मंत्रिपरिषद की एक सार्थक बैठक हुई। हमने 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने से जुड़े विचारों और बेहतरीन तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया। इस बात पर चर्चा की कि 'विकसित भारत' के हमारे साझा सपने को साकार करने के लिए सुधारों को और आगे कैसे बढ़ाया जाए।'
मंत्रिपरिषद की बैठक से जुड़ी बड़ी बातें
- काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक अमेरिका-ईरान युद्ध और उससे उत्पन्न कठिन आर्थिक परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में हुई है।
- अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच सरकार ईंधन की आपूर्ति में रुकावटों, महंगाई और तेल की बढ़ती कीमतों पर लगातार नजर रख रही है।
- बीते दिनों प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से अपील की कि वे ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करें।
- इसमें 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करना) और आमने-सामने की बैठकों के बजाय ज्यादा ऑनलाइन बैठकें करना जैसे उपाय अपनाना शामिल है।
- साथ ही, कम से कम एक साल तक सोना खरीदने से बचना और विदेश यात्रा से भी परहेज करना शामिल है।


