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मोदी की काशी में भाजपा को झटका, शिक्षक एमएलसी सीट सपा ने जीती; स्नातक सीट पर भी आशुतोष सिन्हा आगे

वाराणसी MLC चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। शिक्षक निर्वाचन सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की, जबकि स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा बढ़त बनाए हुए हैं।

मोदी की काशी में भाजपा को झटका, शिक्षक एमएलसी सीट सपा ने जीती; स्नातक सीट पर भी आशुतोष सिन्हा आगे
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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एमएलसी चुनाव के नतीजों ने भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका दिया है। शिक्षक निर्वाचन सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की है। वहीं, स्नातक निर्वाचन सीट पर भी सपा के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह से आगे चल रहे हैं। इस चुनाव में सपा ने अपने पुराने प्रत्याशियों पर भरोसा जताया था, जबकि भाजपा दोनों सीटों पर जीत हासिल करने की कोशिश में थी।

शिक्षक एमएलसी सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव को कुल 10,958 प्रथम वरीयता के वोट मिले। भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,060 मत हासिल हुए। इसके अलावा चेतनारायण सिंह को 3,111, डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह को 1,088 और ऋतिका दुबे को 450 वोट मिले। अन्य प्रत्याशियों को भी अलग-अलग संख्या में मत प्राप्त हुए, जबकि 1,441 मत अवैध घोषित किए गए।

निर्वाचन नियमों के मुताबिक, जीत के लिए जरूरी मतों का आंकड़ा पूरा नहीं होने पर द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, लाल बिहारी यादव को प्रथम वरीयता में जीत के लिए निर्धारित सीमा से कम वोट मिले थे। इसी कारण दूसरी वरीयता के मतों की गणना शुरू की गई। इसके बाद उनकी जीत की पुष्टि हुई।

स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा की बढ़त

स्नातक निर्वाचन सीट पर भी समाजवादी पार्टी ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी है। दूसरे दौर की मतगणना तक सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा को कुल 10,419 वोट मिले, जबकि भाजपा के केदारनाथ सिंह को 7,474 मत हासिल हुए। इस तरह आशुतोष सिन्हा लगभग 2,945 वोटों से आगे थे।

पहले दौर में आशुतोष सिन्हा को 5,184 और केदारनाथ सिंह को 3,734 वोट मिले थे। दूसरे दौर में भी सपा प्रत्याशी ने अपनी बढ़त बनाए रखी। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े दूसरे चरण तक के हैं और अंतिम नतीजे की पुष्टि निर्वाचन अधिकारी की घोषणा के आधार पर ही की जानी चाहिए।

मतगणना में देरी से परेशान रहे समर्थक

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतपत्रों के मिलान, वैध-अवैध मतों की जांच और बंडल तैयार करने की प्रक्रिया में काफी समय लगा। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे मतगणना शुरू हुई। कुल 14 टेबलों पर दो शिफ्ट में कर्मचारियों ने वोटों की गिनती की। निर्वाचन अधिकारी और उप निर्वाचन अधिकारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे थे।

आठ जिलों में हुआ था मतदान

वाराणसी खंड निर्वाचन क्षेत्र में वाराणसी के अलावा जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया शामिल हैं। शिक्षक सीट के लिए 10, जबकि स्नातक सीट पर 24 प्रत्याशी मैदान में थे।

23 अक्टूबर को हुए मतदान में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41.11 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 69.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। नतीजों ने पूर्वांचल की राजनीति में समाजवादी पार्टी की स्थिति को मजबूत करने के संकेत दिए हैं। वहीं, भाजपा के लिए वाराणसी में दोनों सीटों पर चुनौती राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।


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