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ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क में बढ़ रहा गुस्सा, कई शहरों में ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है।

ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क में बढ़ रहा गुस्सा, कई शहरों में ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन
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कोपेनहैगन। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव और बयानों के खिलाफ शनिवार को डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में दोपहर करीब 12 बजे सिटी हॉल स्क्वायर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारी करीब दो किलोमीटर मार्च करते हुए अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़े।

इस प्रदर्शन में डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों के लोग शामिल थे। कई प्रदर्शनकारी अपने हाथों में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के झंडे लिए हुए थे। डेनिश मीडिया के मुताबिक इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आरहूस, ओडेंस और आल्बोर्ग जैसे अन्य शहरों में भी हुए या उनकी तैयारी थी।

ट्रंप ने 8 देशों पर लगाया 10 प्रतिशत टैरिफ

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ग्रीनलैंड मुद्दे को लेकर अमेरिका डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सभी सामानों पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा।

ट्रंप ने कहा कि 1 जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड को खरीदने को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता।

पहले भी ग्रीनलैंड में दिलचस्पी दिखा चुके हैं ट्रंप

ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के भीतर एक स्वशासित क्षेत्र है। इसकी अपनी सरकार है, लेकिन रक्षा और विदेश नीति का जिम्मा डेनमार्क के पास है। ग्रीनलैंड में अमेरिका का एक सैन्य अड्डा भी मौजूद है। डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड को लेकर अपनी दिलचस्पी दिखा चुके हैं। अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्होंने ग्रीनलैंड को खरीदने की बात कही थी। अब एक बार फिर उन्होंने इस स्वायत्त द्वीप पर नियंत्रण के लिए कई विकल्प अपनाने की बात कही है, जिनमें सैन्य विकल्प का जिक्र भी शामिल है।

यूरोपीय संघ ने उठाया बड़ा कदम

ट्रंप के इस फैसले के बाद यूरोपीय संघ ने बड़ा कदम उठाया है। यूरोपीय संघ ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लंबे समय से चल रहे ट्रांसअटलांटिक व्यापार समझौते को रोक दिया है। यूरोपीय संसद के वरिष्ठ सदस्यों ने इस फैसले की पुष्टि की है। उन्‍होंने कहा कि नए टैरिफ टेंशन ने उस राजनीतिक संदर्भ को मौलिक रूप से बदल दिया है, जिसमें समझौते को मंजूरी दी जानी थी।

अब करना होगा इंतजार

यूरोपीय संसद के सदस्‍य सिगफ्रीड मुरेशान ने कहा कि सांसदों ने पिछले जुलाई में यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार समझौते के साथ बढ़ने की तैयारी कर ली थी, जिससे यूरोपीय संघ में अमेरिकी आयात पर शुल्‍क समाप्‍त हो जाता। उन्होंने X पर लिखा कि हमें पिछले जुलाई में हुए यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार समझौते को यूरोपीय संसद में जल्द ही मंजूरी देनी थी, जिसके तहत अमेरिका से यूरोपीय संघ में आयात पर टैरिफ घटाकर 0% कर दिया गया था। इस नई स्थिति में उस मंजूरी के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।


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