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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतवंशियों का दबदबा, पिया डांडिया, रो खन्ना और सुहास सुब्रमण्यम जीते; विवेक रामास्वामी को हार

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में भारतीय-अमेरिकी नेताओं का शानदार प्रदर्शन रहा। सुहास सुब्रमण्यम, पिया डांडिया और रो खन्ना ने जीत दर्ज की, जबकि विवेक रामास्वामी को ओहायो में हार का सामना करना पड़ा।

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में भारतवंशियों का दबदबा, पिया डांडिया, रो खन्ना और सुहास सुब्रमण्यम जीते; विवेक रामास्वामी को हार
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नई दिल्ली। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों और रुझानों में भारतीय मूल के नेताओं का प्रदर्शन चर्चा में है। डेमोक्रेटिक पार्टी के कई भारतवंशी उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर अमेरिकी राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इनमें सुहास सुब्रमण्यम, पिया डांडिया और रो खन्ना प्रमुख हैं। वहीं, रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को ओहायो के गवर्नर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। कुछ अन्य भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों की सीटों पर अभी नतीजे स्पष्ट नहीं हैं।

पिया डांडिया पहली बार पहुंचीं अमेरिकी कांग्रेस

फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने जीत दर्ज की है। उन्होंने पूर्व मरीन सैनिक केसी असकर को हराकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जगह बनाई। उपलब्ध नतीजों के मुताबिक, डांडिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 49.1 प्रतिशत मत हासिल हुए।

पिया डांडिया पहली पीढ़ी की अमेरिकी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में की थी। वह दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में भी बच्चों को पढ़ा चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में काम किया। कम आय वाले परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना उनके अभियान का प्रमुख मुद्दा रहा।

सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया में सीट बचाई

भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा जीत हासिल की है। उन्हें 61.5 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को 36.4 प्रतिशत मत मिले।

सुहास पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में व्हाइट हाउस के तकनीकी नीति सलाहकार रह चुके हैं। उन्होंने 2019 में वर्जीनिया की राजनीति में कदम रखा था। राज्य विधानसभा और सीनेट में काम करने के बाद 2024 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा पहुंचे थे।

रो खन्ना और अरुणा मिलर को भी जीत

कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक नेता रो खन्ना ने एक बार फिर जीत दर्ज की है। उन्होंने अपनी संसदीय सीट बरकरार रखी। खन्ना अमेरिकी राजनीति में भारतवंशी समुदाय के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।

वहीं, मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने भी दोबारा जीत हासिल की है। उनकी सफलता से राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधित्व बना रहेगा।

विवेक रामास्वामी को एमी एक्टन ने हराया

ओहायो के गवर्नर चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को डेमोक्रेटिक प्रत्याशी एमी एक्टन ने शिकस्त दी। रामास्वामी भारतीय मूल के कारोबारी और बायोटेक उद्यमी हैं। उनके माता-पिता केरल से अमेरिका गए थे। यदि वह जीतते तो भारतीय मूल के तीसरे अमेरिकी गवर्नर बन सकते थे।

प्रमिला जयपाल और अमी बेरा भी आगे

वाशिंगटन के सातवें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से प्रमिला जयपाल बढ़त बनाए हुए थीं। कैलिफोर्निया के तीसरे डिस्ट्रिक्ट से अमी बेरा भी अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे चल रहे थे। एरिजोना में अमीश शाह भी बढ़त में बताए गए।

दूसरी ओर, नॉर्थ कैरोलिना में भारतीय मूल के रिपब्लिकन उम्मीदवार महेश गनोर्कर को हार मिली। पूजा सेठी, संदीप श्रीवास्तव और कुछ अन्य भारतवंशी उम्मीदवारों के नतीजे उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं थे।

कुल मिलाकर, इन चुनावों में भारतीय-अमेरिकी नेताओं की जीत ने अमेरिकी राजनीति में उनके बढ़ते प्रभाव को फिर सुर्खियों में ला दिया है।


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