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अमेरिका-इजरायल रिश्तों में बढ़ी तल्खी, जेडी वेंस की दो टूक-अमेरिकी समर्थन के बिना सुरक्षा मुश्किल

अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। जेडी वेंस ने इजरायल को अमेरिका का महत्व याद दिलाया, जबकि ट्रंप ने भी सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए।

अमेरिका-इजरायल रिश्तों में बढ़ी तल्खी, जेडी वेंस की दो टूक-अमेरिकी समर्थन के बिना सुरक्षा मुश्किल
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वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद पश्चिम एशिया की राजनीति में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच अमेरिका और इजरायल के रिश्तों में तनाव बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि उसे अपने सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका को नाराज करने से बचना चाहिए।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वेंस ने कहा कि वर्तमान समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही ऐसे वैश्विक नेता हैं जो इजरायल के प्रति खुलकर समर्थन और सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे शक्तिशाली महाशक्ति अमेरिका लंबे समय से इजरायल की सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार रहा है।

अमेरिकी मदद का किया जिक्र

वेंस ने कहा कि हाल के महीनों में इजरायल की रक्षा में इस्तेमाल हुए अधिकांश सुरक्षा उपकरण और रक्षा संसाधन अमेरिकी करदाताओं के पैसे से उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वे इजरायली मंत्रिमंडल का हिस्सा होते, तो अपने सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद सहयोगी पर सार्वजनिक रूप से सवाल नहीं उठाते।

उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल को अपनी सुरक्षा चुनौतियों का समाधान केवल सैन्य कार्रवाई के जरिए नहीं तलाशना चाहिए। वेंस ने इजरायल के कुछ नेताओं द्वारा अमेरिका-ईरान समझौते की आलोचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए कूटनीतिक प्रयासों को भी महत्व देना होगा।

ट्रंप ने भी जताई नाराजगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हाल के दिनों में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों को लेकर आलोचनात्मक रुख अपनाते दिखाई दिए हैं। विशेष रूप से लेबनान में जारी सैन्य अभियानों पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा कि सीमित घटनाओं के जवाब में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई हमेशा उचित समाधान नहीं होती।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी सभी पक्षों से संघर्ष विराम का पालन करने की अपील की और क्षेत्र में स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर दिया।

लेबनान से पीछे हटने को तैयार नहीं इजरायल

दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश दक्षिणी लेबनान में स्थापित सुरक्षा क्षेत्र से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले इजरायल अपने हितों को ध्यान में रखकर ही करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते के बाद पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन बदल रहा है, जिसका असर अमेरिका-इजरायल संबंधों पर भी देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच बढ़ते मतभेद क्षेत्रीय राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।


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