Top
Begin typing your search above and press return to search.

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका और इजरायल, ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की योजना

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और इजरायल ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित संयुक्त हवाई हमलों की योजना पर विचार कर रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम मंजूरी नहीं दी है, लेकिन मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका और इजरायल, ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की योजना
X
वाशिंगटनमध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित संयुक्त सैन्य कार्रवाई की खबरों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए हवाई हमलों के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी सैन्य अभियान को अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है। यदि यह कार्रवाई होती है तो इससे क्षेत्र में संघर्ष और अधिक गंभीर हो सकता है।

ऊर्जा ठिकानों पर हमले की तैयारी की रिपोर्ट

अमेरिकी मीडिया संस्थान Axios की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के भीतर ईरान के ऊर्जा ढांचे, तेल रिफाइनरियों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हवाई हमलों को लेकर चर्चा चल रही है। रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य युद्धविराम वार्ता के दौरान तेहरान पर दबाव बढ़ाना और उसे अमेरिका की शर्तें स्वीकार करने के लिए मजबूर करना हो सकता है।

इजरायल भी बन सकता है संयुक्त अभियान का हिस्सा

रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि इजरायल इस संभावित अभियान में अमेरिका का साथ दे सकता है। यदि ऐसा होता है तो कई सप्ताह बाद यह पहली बार होगा जब इजरायल सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान इजरायल पर मिसाइल हमले तेज कर सकता है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

व्हाइट हाउस में भी मतभेद की खबर

CBS News की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल संभावित संयुक्त हवाई हमलों को लेकर समन्वय कर रहे हैं। इन हमलों में तेल रिफाइनरियों और बिजली संयंत्रों जैसे ऊर्जा संबंधी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी अंतिम मंजूरी नहीं दी है और कैबिनेट की बैठक के दौरान कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने इस योजना पर आपत्ति भी जताई।

वहीं द वॉल स्ट्रीट जनरल ने दावा किया है कि अमेरिकी प्रशासन ने सैन्य तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं और आवश्यकता पड़ने पर सप्ताहांत तक अभियान शुरू किया जा सकता है।

ट्रंप का सख्त संदेश, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी रक्षा नेतृत्व के साथ बैठक की थी। इसके बाद ट्रंप ने संकेत दिए कि यदि हालात नहीं बदले तो ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि ईरान पर इतना दबाव बनाया जाएगा कि अंततः उसे पीछे हटना पड़े। इससे पहले भी ट्रंप चेतावनी दे चुके हैं कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमले जारी रहे तो ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।

हालांकि, अब तक अमेरिका या इजरायल की ओर से किसी नए सैन्य अभियान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मौजूदा जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है और स्थिति लगातार बदल सकती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it