अमेरिकी संसद में टैरिफ का जोरदार विरोध, ट्रंप के ही खिलाफ हुए उनकी पार्टी के सांसद
प्रस्ताव का उद्देश्य उस राष्ट्रीय आपात स्थिति को समाप्त करना था, जिसे ट्रंप ने शुल्क लगाने के लिए घोषित किया है। हालांकि इस नीति को पलटने के लिए वास्तव में ट्रंप के भी समर्थन की आवश्यकता होगी जो असंभव प्रतीत होता है।

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर करारा झटका लगा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा पर लगाए गए शुल्क को पलटने के लिए मतदान किया है। यह व्हाइट हाउस के एजेंडे की एक दुर्लभ लेकिन काफी हद तक प्रतीकात्मक आलोचना है।
बुधवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 219 और इसके खिलाफ 211 मत पड़े। हैरानी की बात ये है कि डेमोक्रेट सांसदों द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव को सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने भी समर्थन दिया। ऐसा संभवत: पहली बार है जब रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली प्रतिनिधि सभा ने किसी महत्वपूर्ण नीति को लेकर राष्ट्रपति का विरोध किया है।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पेश किए गए इस प्रस्ताव का उद्देश्य उस राष्ट्रीय आपात स्थिति को समाप्त करना था, जिसे ट्रंप ने शुल्क लगाने के लिए घोषित किया है। हालांकि इस नीति को पलटने के लिए ट्रंप के भी समर्थन की आवश्यकता होगी जो असंभव प्रतीत होता है। फिलहाल इस प्रस्ताव को अब अमेरिकी संसद के उच्च सदन, सीनेट के पास भेजा जाएगा।
ट्रंप का फैसला, सांसदों को झेलना पड़ रहा है विरोध
गौरतलब है कि जहां एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि शुल्क अमेरिकी व्यापार साझेदारों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए असरदार हैं, वहीं दूसरी तरफ सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापार युद्धों के कारण जूझ रहे कारोबारियों और इनके जेब पर पड़ने वाले असर और ऊंची कीमतों से परेशान मतदाताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रस्ताव पेश कर क्या बोलीं डेमोक्रेटिक सांसद?
प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति में डेमोक्रेटिक पार्टी के शीर्ष नेता और न्यूयॉर्क से सांसद ग्रेगरी मीक्स ने यह प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा, ''आज का मतदान सरल है, बहुत सरल। क्या आप अमेरिकी परिवारों के लिए जीवनयापन की लागत घटाने के पक्ष में वोट देंगे या एक व्यक्ति-डोनाल्ड जे. ट्रंप-के प्रति वफादारी के कारण कीमतें ऊंची बनाए रखेंगे?''
प्रतिनिधि सभा की बेचैनी
यह मतदान राष्ट्रपति के कदमों को लेकर प्रतिनिधि सभा की बेचैनी की एक झलक देता है। सीनेट ने असंतोष जताते हुए पहले ही कनाडा और अन्य देशों पर ट्रंप के शुल्कों को खारिज करने के पक्ष में मतदान किया है लेकिन शुल्कों में कटौती के लिए दोनों सदनों को प्रस्ताव मंजूर कर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए ट्रंप के पास भेजना होगा। इस बीच ट्रंप ने प्रस्तावित चीन व्यापार समझौते को लेकर कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की हाल में धमकी दी है जिससे कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ उनकी तनातनी और बढ़ गई।


