योगी कैबिनेट की 18 बड़े प्रस्तावों पर मुहर, छात्राओं को मिलेगी स्कूटी, नए एक्सप्रेसवे और इलेक्ट्रिक बसों को भी मंजूरी
योगी कैबिनेट ने 18 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी, छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, 220 इलेक्ट्रिक बसें, नए एक्सप्रेसवे और 3 अगस्त से विधानसभा सत्र का ऐलान किया गया।

मेधावी छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी
कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रदेश के प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान की स्नातक (ग्रेजुएशन) की टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। इस योजना का लाभ राजकीय विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों, उनसे संबद्ध कॉलेजों, सहायता प्राप्त (एडेड) और वित्तपोषित महाविद्यालयों की छात्राओं को मिलेगा।
योजना का लाभ उन परिवारों की बेटियों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक है। सरकार स्कूटी का पंजीकरण, बीमा, हेलमेट और अन्य जरूरी एक्सेसरीज का खर्च भी उठाएगी। इतना ही नहीं, स्कूटी सौंपते समय 5 लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष करीब 50 हजार छात्राओं को स्कूटी वितरित करना है।
विशेष प्रावधान के तहत दिव्यांग छात्राओं, निराश्रित परिवारों और शहीद परिवारों की बेटियों के लिए मेरिट और आय सीमा की शर्त लागू नहीं होगी। स्कूटी की खरीद सरकारी GeM पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
छात्राओं और कामकाजी महिलाओं के लिए नए हॉस्टल
महिला सुरक्षा और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने वाराणसी के बसंत महिला महाविद्यालय में 112 छात्राओं की क्षमता वाले छात्रावास के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए 500 कमरों वाले आधुनिक हॉस्टल के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। इससे पढ़ाई और रोजगार के लिए बाहर रहने वाली महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
एक्सप्रेसवे नेटवर्क का होगा विस्तार
प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई अहम एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे को स्वीकृति प्रदान की।
इसके अलावा 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी मिली है, जो गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जिलों को जोड़ते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। साथ ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली परियोजना को भी मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं का निर्माण ईपीसी (EPC) मॉडल पर कराया जाएगा।
220 इलेक्ट्रिक बसें और अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए 220 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी है। इनमें 42 और 50 सीटों वाली बसें शामिल होंगी। इस परियोजना के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा संभल हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को भी मंजूरी दे दी गई है, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखा जाएगा।
आउटसोर्सिंग सेवा निगम के पोर्टल और वेतन भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। इस राशि की वापसी पांच वर्ष बाद शुरू होगी और अगले दस वर्षों में चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
योगी सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, परिवहन और प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी।


