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यूपी राज्यसभा चुनाव: अखिलेश ने तीसरा कैंडिडेट उतारने से खींचे कदम, भाजपा के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार निर्विरोध जीतेंगे

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। अखिलेश यादव ने तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने का संकेत दिया है। ऐसे में बीजेपी के 8 और सपा के 2 उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।

यूपी राज्यसभा चुनाव: अखिलेश ने तीसरा कैंडिडेट उतारने से खींचे कदम, भाजपा के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार निर्विरोध जीतेंगे
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में अब मुकाबले की संभावना लगभग खत्म हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने के संकेत दिए। उन्होंने लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, 403 पर है।” यूपी विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। अखिलेश के इस संदेश के बाद माना जा रहा है कि सपा राज्यसभा में अपने दो उम्मीदवारों तक ही सीमित रहेगी।

10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की राह साफ

राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी पहले ही उत्तर प्रदेश से आठ उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। यदि सपा तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारती है तो कुल उम्मीदवारों की संख्या 10 ही रहेगी और सभी का निर्विरोध निर्वाचन होगा। राज्य की इन 10 सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। पार्टी के कुछ नेताओं ने तीसरा प्रत्याशी उतारने की तैयारी के संकेत भी दिए थे। सोमवार को 10 विधायकों से प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर लिए जाने की खबर आई थी। लेकिन मंगलवार सुबह अखिलेश यादव के बयान से तस्वीर बदल गई।

बीजेपी के ये 8 नेता जाएंगे राज्यसभा

बीजेपी ने जिन आठ नेताओं को उम्मीदवार बनाया है, उनमें योगी सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।

बीजेपी की सूची में दो महिला उम्मीदवार भी हैं। श्रुति गंगवार झारखंड के राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी हैं, जबकि प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से पूर्व सांसद रह चुकी हैं। वहीं विद्यासागर सोनकर लंबे समय से बीजेपी संगठन में सक्रिय रहे हैं और पार्टी के दलित चेहरे के तौर पर पहचाने जाते हैं।

सपा से रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी

समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव को फिर राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। रामगोपाल यादव लंबे समय से उच्च सदन में सपा का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं और पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल हैं।

दूसरे उम्मीदवार धनराज परिमल नथवानी हैं, जो रिलायंस समूह से जुड़े रहे हैं। दोनों उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं।

अब नजर 2027 के विधानसभा चुनाव पर

अखिलेश यादव की “403” वाली पोस्ट को यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह उनकी राजनीतिक प्राथमिकता का संकेत है और इससे आगे की रणनीति पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल तीसरा उम्मीदवार नहीं आने की स्थिति में यूपी की सभी 10 राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया है।


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