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UP Budget 2026 : 10 लाख युवाओं को रोजगार, 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं, जानें यूपी बजट के बड़े ऐलान

यूपी विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए बजट पेश कर दिया है। जो पिछले बजट की अपेक्षा 13 फीसदी ज्यादा है। अगले साल विधानसभा चुनाव में जाने के पहले यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट है।

UP Budget 2026 : 10 लाख युवाओं को रोजगार, 43 हजार करोड़ की नई योजनाएं, जानें यूपी बजट के बड़े ऐलान
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लखनऊ। यूपी विधानसभा में आज 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया गया। इसमें निवेश, रोजगार, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर फोकस किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष ध्यान रखा गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट भाषण में सरकार की योजनाओं के लिए बजट प्रावधान के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।


स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी में यूपी

वित्त मंत्री ने कहा कि नवाचार और तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी हासिल हुई है। यह उपलब्धि राज्य की विकास और इनोवेशन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुरेश खन्ना ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंडलॉक्ड राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसे प्रदेश की निर्यात क्षमता और बुनियादी ढांचे में सुधार का प्रमाण बताया गया।

इलेक्ट्रॉनिक्स हब बना यूपी, 44,744 करोड़ तक पहुंचा निर्यात

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में बताया कि देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। सरकार का दावा है कि यूपी अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बना चुका है।

पढ़ाई के साथ स्किल, बढ़ेगी ट्रेनिंग सेंटरों की क्षमता

बजट में पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास को जोड़ने पर बल दिया गया है। प्रदेश के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और जरूरत के अनुसार नए केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। कौशल संवर्धन अभियान में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पीपीपी मॉडल के तहत विभिन्न जनपदों में स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण के साथ रोजगार की सीधी कड़ी बनाई जा सके। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

जानें- किस क्षेत्र के लिए कितना बजट आवंटित

  • नई सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना के लिए 100 करोड़
  • फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़
  • पुलिस विभाग के भवनों के लिए 2608 करोड़
  • स्मार्ट सिटी की तर्ज पर 7 नगर निगमों का विकास
  • नागरिक उड्डयन के लिए 2111 करोड़
  • सूबे में हवाई पट्टियों के लिए 1100 करोड़
  • जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 750 करोड़
  • मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़
  • एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन योजना के लिए 575 करोड़
  • एमएसएमई सेक्टर के लिए 822 करोड़
  • अयोध्या के विकास के लिए 100 करोड़
  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़
  • ऊर्जा क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़
  • नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के लिए 400 करोड़
  • सड़क और पुलों के लिए 34,468 करोड़
  • औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़
  • उच्च शिक्षा का बजट 6591 करोड़ हुआ
  • NHRM में 8641 करोड़, कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़
  • 14 नए मेडिकल कालेजों के लिए 1023 करोड़
  • कृषि संबंधी सेवाओं के लिए 9 फीसदी
  • शिक्षा पर 12.4% और स्वास्थ्य पर 6% धन आवंटित
  • पूंजीगत खर्च 19.5%, शिक्षा पर 12.4% और स्वास्थ्य पर 6% धन आवंटित


पूंजी निवेश के साथ रोजगार सृजन पर भी जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि जहां पूंजी निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए जरूरी है, वहीं युवाओं को रोजगार के अवसर देना और उन्हें रोजगार के योग्य बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सरकार युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन कार्यक्रमों को मिशन मोड में चलाएगी। जिन युवाओं के पास किसी व्यवसाय में हस्तकौशल या दक्षता होगी, वे बेरोजगार नहीं रहेंगे। इसी सोच के साथ स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया जाएगा।

उद्योगों को मिलेगा ‘जनविश्वास’ का सहारा

सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण में ‘जनविश्वास सिद्धांत’ को लागू करने की बात कही है। इसके तहत उद्योगों के रजिस्ट्रेशन, लाइसेंसिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल व पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। प्रदेश में डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना पर काम शुरू किया जाएगा। इसका लक्ष्य युवाओं को डिजिटल माध्यम से स्वरोजगार और स्टार्टअप के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे नई अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़े।

किसानों को मिलेगा वैश्विक बाजार से जोड़ने का मौका

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि विश्व बैंक सहायता प्राप्त यू.पी. एग्रीज परियोजना के तहत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच देना और किसानों की आय बढ़ाना है।

कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धियां

वित्त मंत्री ने कहा कि अवस्थापना-प्रधान विकास नीति के चलते नीति आयोग द्वारा जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने लैंड-लॉक्ड राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। कृषि उत्पादन में प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है और गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक योगदान देता है।

सिंचित क्षेत्र वर्ष 2016-17 के 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2024-25 में लगभग 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है। फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावॉट से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 9,120 मेगावॉट हो गई है, जो 55.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसके साथ ही प्रदेश में 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे हरित और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।

निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्टार्टअप में यूपी की छलांग

बजट भाषण में बताया गया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग वर्ष 2018-19 के 29वें स्थान से सुधरकर वर्ष 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है। फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया, जिसमें अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है।

करीब 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के लिए चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन चुका है, जहां देश के कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा तैयार होता है। देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। स्टार्टअप रैंकिंग में भी उत्तर प्रदेश को ‘लीडर श्रेणी’ में स्थान मिला है।

GSDP 30.25 लाख करोड़ के पार

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की मजबूती से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की खुशहाली और गरीबी उन्मूलन तक हर क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमान के अनुसार प्रदेश का GSDP 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है। प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये आंकी गई है, जो वर्ष 2016-17 के 54,564 रुपये के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि करीब 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।

उद्योग, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर फोकस

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए कहा, सरकार का फोकस औद्योगिक व्यवस्था को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे का विस्तार करने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, महिलाओं को सशक्त बनाने, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने और गरीबी उन्मूलन पर है। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास को गति देना और सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

बेरोजगारी दर घटी, 50 लाख करोड़ के एमओयू

वित्त मंत्री ने खन्ना ने कहा, वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रूपये होने का अनुमान है। प्रदेश में हम लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफल हुए हैं। बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है। अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं जिनसे लगभग 10 लाख रोजगार का सृजन सम्भावित है। अब तक लगभग 15 लाख करोड़ रुपए के निवेश की लगभग 16 हजार से ज्यादा परियोजनाओं के 4 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह संपन्न हो चुके हैं।

65 फीसदी मोबाइल फोन प्रोडक्शन यूपी में

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश का 65 फीसदी मोबाइल फोन प्रोडक्शन यूपी में हो रहा है। जबकि यूपी में 15 लाख करोड़ का निवेश आया है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा, हमारी सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश ने हर क्षेत्र में सर्वांगीण विकास देखा है। कानून-व्यवस्था की मजबूती, बुनियादी ढांचे का विस्तार, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की समृद्धि और गरीबी उन्मूलन- हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2024-25 के लिए राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।


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