शहजाद भट्टी नेटवर्क पर यूपी ATS का बड़ा एक्शन, लखनऊ समेत 10 जिलों में छापेमारी; 150 से ज्यादा संदिग्ध रडार पर
यूपी ATS ने शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों के खिलाफ लखनऊ समेत 10 जिलों में छापेमारी की है। 150 से ज्यादा संदिग्धों की गतिविधियों की जांच जारी है।

लखनऊ। पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी नेटवर्क शहजाद भट्टी से जुड़े मामलों की जांच में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को एटीएस की टीमों ने लखनऊ समेत प्रदेश के 10 जिलों में संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी का फोकस नेटवर्क से जुड़े नए लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिका की जांच करने पर है।
150 से ज्यादा लोगों की जांच
एटीएस की जांच पिछले महीनों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान एजेंसी को 150 से अधिक लोगों के बारे में जानकारी मिली, जिनके सोशल मीडिया संपर्क, डिजिटल गतिविधियों और अन्य कनेक्शन की जांच की जा रही है। अगस्त में भी एटीएस की जांच में 150 से अधिक संदिग्धों की जानकारी सामने आने की रिपोर्ट थी।
एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों में से कितने केवल गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में थे और कितनों का कथित नेटवर्क के साथ सक्रिय संबंध था। जांच में सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, बैंकिंग लेनदेन और डिजिटल नेटवर्क की पड़ताल भी शामिल है।
चार महीने में 52 गिरफ्तारियों का दावा
रिपोर्टों के अनुसार, यूपी एटीएस ने पिछले चार महीनों में शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़ी कथित आतंकी गतिविधियों के मामलों में 52 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ आरोपियों पर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से संपर्क करने और उन्हें कथित नेटवर्क से जोड़ने के आरोप हैं।
इससे पहले अगस्त में देशभर में हुई कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश में 62 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। गृह मंत्रालय के अनुसार, उस बहु-राज्यीय अभियान में 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया था और नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक एफआईआर तथा 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज की गई थीं।
सोशल मीडिया और डिजिटल संपर्कों की जांच
ATS अब संदिग्धों के घरों और अन्य ठिकानों पर तलाशी के साथ उनके डिजिटल संपर्कों को भी खंगाल रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि संदिग्धों की भूमिका केवल संपर्क तक सीमित थी या वे किसी संगठित गतिविधि में शामिल थे।
केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 में शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित किया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, नेटवर्क पर हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने के आरोप हैं।
फिलहाल ATS की छापेमारी और पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और नेटवर्क से उनके कथित संबंधों को लेकर तस्वीर साफ होगी।


