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तुषार मेहता फिर बने भारत के सॉलिसिटर जनरल, केंद्र ने तीन साल के नए कार्यकाल को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने तुषार मेहता को 1 जुलाई 2026 से तीन साल के लिए फिर भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया है। यह उनकी लगातार तीसरी पुनर्नियुक्ति है। साथ ही पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों का कार्यकाल भी बढ़ाया गया।

तुषार मेहता फिर बने भारत के सॉलिसिटर जनरल, केंद्र ने तीन साल के नए कार्यकाल को दी मंजूरी
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता और भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को एक बार फिर तीन वर्ष के लिए इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। उनकी नई नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। यह लगातार तीसरी बार है जब उन्हें इस पद पर पुनर्नियुक्त किया गया है, जिससे वह देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले विधि अधिकारियों में शामिल हो जाएंगे।

कैबिनेट नियुक्ति समिति की मंजूरी

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने तुषार मेहता को भारत के सॉलिसिटर जनरल के पद पर अगले तीन वर्षों तक बनाए रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। आदेश में कहा गया है कि उनका कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से लागू होगा और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

सॉलिसिटर जनरल देश का दूसरा सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जो केंद्र सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों में महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी करता है।

2018 में मिली थी बड़ी जिम्मेदारी

तुषार मेहता ने पहले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। इसके बाद अक्टूबर 2018 में उन्हें भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया। केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में उनका पहला कार्यकाल बढ़ाया और फिर 2023 में दोबारा नियुक्ति दी गई। अब 2026 में उन्हें तीसरी बार इस पद पर बनाए रखा गया है।

नई नियुक्ति के साथ वह सॉलिसिटर जनरल के रूप में लगभग 11 वर्षों तक सेवा देने का रिकॉर्ड बना सकते हैं। यह उपलब्धि उन्हें भारत के विधिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले शीर्ष कानून अधिकारियों की सूची में शामिल करेगी।

कई अहम मामलों में सरकार का पक्ष रखा

अपने कार्यकाल के दौरान तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कई संवैधानिक, नीतिगत और आपराधिक मामलों में किया है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों में सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण कानूनी मामलों की पैरवी की है। कानून और न्याय से जुड़े जटिल मुद्दों पर उनकी भूमिका को सरकार ने लगातार भरोसेमंद माना है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों का भी कार्यकाल बढ़ा

केंद्र सरकार ने पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों (एएसजी) के कार्यकाल को भी तीन वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। इनमें विक्रमजीत बनर्जी, केएम नटराज, एसवी राजू, एन वेंकटरामन और ऐश्वर्या भाटी शामिल हैं।

इसके अलावा, चेतन शर्मा को भी दिल्ली उच्च न्यायालय के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में छह माह के लिए पुनर्नियुक्त किया गया है।

न्यायिक मामलों में निरंतरता पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि तुषार मेहता की पुनर्नियुक्ति केंद्र सरकार की कानूनी रणनीति में निरंतरता बनाए रखने का संकेत है। आने वाले वर्षों में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और नीतिगत मामलों की सुनवाई होनी है, ऐसे में अनुभवी विधि अधिकारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


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