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ट्रंप के एक बयान से भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक, 1700 अंक चढ़कर 73,600 के पार पहुंचा सेंसेक्स

Stock Market Today: युद्ध टलने की उम्मीद ने निवेशकों के भरोसे को फिर से जगा दिया है, जिससे आज बाजार में हर तरफ हरियाली दिख रही है।

ट्रंप के एक बयान से भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक, 1700 अंक चढ़कर 73,600 के पार पहुंचा सेंसेक्स
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नई दिल्ली। Stock Market Today: लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक लौट आई है। बुधवार, 1 अप्रैल सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 1,740 अंक (2.42%) उछलकर 73,687 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी ने भी 511 अंकों (2.33%) की छलांग लगाई। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आई एक पॉजिटिव खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के संकेत दिए हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट ने राहत की सांस ली है। दूसरी ओर, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में हलचल जारी है। ब्रेंट क्रूड फिलहाल $105 प्रति बैरल के आसपास है।

ट्रंप के एक बयान से शेयर बाजार में तूफानी तेजी

शेयर बाजार में आज जो तूफानी तेजी दिख रही है, उसके पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है जिसने निवेशकों में नई उम्मीद जगा दी है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अगले दो सप्ताह के भीतर खत्म हो सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिकी सेना बहुत जल्द अपना ऑपरेशन बंद कर सकती है। इस एक बयान ने बाजार से डर को गायब कर दिया और हर तरफ खरीदारी शुरू हो गई।

दुनियाभर के बाजारों में 'दिवाली' जैसा माहौल

ट्रंप के बयान का असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों पर दिख रहा है। अमेरिका (Wall Street) में मंगलवार को नैस्डैक (Nasdaq) 3.8% और डॉव जोन्स (Dow Jones) 1,125 अंक यानी 2.5% उछलकर बंद हुआ। यह पिछले एक साल की सबसे बड़ी तेजी है। एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई (Nikkei) 3.29% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 4.83% की भारी बढ़त के साथ खुले।

कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में यू-टर्न

आपको बता दें कि मार्च का महीना तेल की कीमतों के लिए काफी भारी रहा है। लेकिन युद्ध खत्म होने की आहट मिलते ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें जो आसमान छू रही थीं, अब $104 के आसपास आ गई हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्च के महीने में तेल की कीमतों में 64% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जो 1988 के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जल्द नहीं खुला, तो तेल की सप्लाई में दिक्कत बनी रह सकती है।

क्या है 'होर्मुज' का चक्कर और क्यों डरा है बाजार?

बाजार की सबसे बड़ी चिंता 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को लेकर है, जहां से दुनिया का 20% तेल और गैस गुजरता है। ओपेक (OPEC) देशों का तेल उत्पादन मार्च में 73 लाख बैरल प्रतिदिन तक गिर गया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह होर्मुज के पूरी तरह खुलने से पहले ही युद्ध खत्म कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो सप्लाई चेन सुधरेगी और महंगाई से राहत मिलेगी।


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