अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका ने किया ईरान पर हवाई हमले, होर्मुज क्षेत्र में बढ़ा तनाव
अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव से पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा गहरा गया है।

अपाचे हेलीकॉप्टर गिरने के बाद अमेरिका का जवाब
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर यह सैन्य कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है। सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना ने स्थानीय समयानुसार शाम 5 बजे ईरान के खिलाफ अभियान शुरू किया। बयान में कहा गया कि यह कदम अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर हुए हमले का संतुलित और आवश्यक जवाब है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर नियमित निगरानी मिशन पर था, तभी उसे निशाना बनाया गया। उन्होंने इस हमले को उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों और सैन्य संसाधनों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
होर्मुजगान प्रांत में कई स्थानों पर धमाके
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी हमलों के बाद होर्मुजगान प्रांत के कई इलाकों में जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। कूहेस्ताक, सिरीक, मीनाब और प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के आसपास धमाकों की खबरें सामने आई हैं।
हालांकि, ईरान की ओर से अब तक हमलों में हुए नुकसान या प्रभावित सैन्य प्रतिष्ठानों की विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। सुरक्षा कारणों से कई क्षेत्रों में संचार गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
ड्रोन हमले में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था अपाचे
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार अपाचे हेलीकॉप्टर को एक आत्मघाती ड्रोन ने निशाना बनाया था। हमले के बाद हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सेना ने बताया कि चालक दल के दोनों सदस्यों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया और उनकी हालत स्थिर है।
विशेष बात यह रही कि बचाव अभियान में समुद्री ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया, जिसे सैन्य विशेषज्ञ आधुनिक युद्धक्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहे हैं।
ईरान ने दी सफाई
घटना के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में विदेशी सेनाओं की मौजूदगी लगातार जोखिम पैदा करती है। उनके अनुसार ऐसे हालात में दुर्घटनाओं और गलतफहमियों की संभावना बढ़ जाती है।
वहीं ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने दावा किया कि अमेरिकी हेलीकॉप्टर को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में तनाव कम करने और संवाद को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
युद्धविराम पर मंडराया संकट
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा यह नया तनाव ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है। हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद दोनों पक्षों द्वारा मिसाइल और गोले दागे जाने की घटनाएं सामने आई थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अपाचे हेलीकॉप्टर प्रकरण और उसके बाद हुए अमेरिकी हवाई हमले पश्चिम एशिया में संघर्ष को और गंभीर बना सकते हैं। यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो पूरे क्षेत्र में व्यापक सैन्य टकराव का खतरा बढ़ सकता है।


