त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत मिले, मौत के कारणों की जांच शुरू
त्रिपुरा के डीजीपी और 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए। बागपत निवासी अधिकारी के निधन के मामले की जांच जारी है।

अनुराग धनखड़ 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी थे। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रहने वाले थे और वर्ष 2025 में त्रिपुरा के डीजीपी का पदभार संभाला था। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद राज्य सरकार और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पुलिस मुख्यालय पहुंचे तथा मामले की जानकारी ली।
अस्पताल ले जाया गया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना की जानकारी मिलते ही अनुराग धनखड़ को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों को संकलित करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
फिलहाल पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
तीन दशक से अधिक का प्रशासनिक अनुभव
अनुराग धनखड़ का पुलिस सेवा में तीन दशक से अधिक का लंबा अनुभव रहा। डीजीपी बनने से पहले उन्होंने त्रिपुरा में डीजीपी (इंटेलिजेंस) के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा उन्होंने राज्य पुलिस के कई अहम पदों पर कार्य किया और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी अपनी सेवाएं दीं।
उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका अनुभव उल्लेखनीय रहा। वे संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन का हिस्सा रहे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पुलिसिंग और शांति स्थापना से जुड़े कार्यों में योगदान दिया।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
अनुराग धनखड़ के निधन पर पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न सार्वजनिक हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और सेवा को याद करते हुए कई लोगों ने उन्हें एक कुशल एवं समर्पित पुलिस अधिकारी बताया।


