उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: देवप्रयाग में 200 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, तीन लोगों की मौके पर ही मौत
उत्तराखंड के देवप्रयाग में एक दर्दनाक हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल, पुलिस टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

देवप्रयाग। उत्तराखंड के देवप्रयाग में एक दर्दनाक हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल, पुलिस टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
जानकारी सामने आई कि देवप्रयाग क्षेत्र में गंगा होटल दर्शन के समीप एक वाहन लगभग 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया। सूचना के अनुसार वाहन संख्या यूके 08 टीए 5433 दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।
वाहन हरिद्वार की ओर जा रहा था। हादसे के वक्त वाहन में चालक समेत लगभग 8 लोग सवार थे। सभी यात्री राजस्थान के निवासी हैं। बताया जा रहा है कि एक घायल को विभागीय एंबुलेंस के माध्यम से श्रीनगर ले जाया गया, जबकि तीन लोगों के शवों को राफ्टिंग के माध्यम से सड़क मार्ग पर लाया गया है।
देवप्रयाग पुलिस टीम और क्षेत्रीय पटवारी भी मौके पर मौजूद हैं। खाई की गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे से संबंधित विस्तृत जानकारी रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद सामने आ सकेगी।
इससे पहले, हरिद्वार में सोमवार को एक बस दुर्घटना में एक महिला की हो गई। घटना नगर कोतवाली पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत सप्तऋषि क्षेत्र में हुई, जहां एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। जानकारी के अनुसार, राजस्थान से तीर्थयात्रियों का एक समूह एक डबल डेकर बस में हरिद्वार आया था। गंगा में पवित्र स्नान करने के बाद वे घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। तब सप्तऋषि क्षेत्र में कथित तौर पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे बस सड़क किनारे पलट गई।
दुर्घटना के समय बस में लगभग 45 यात्री सवार थे। इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और पलटे हुए वाहन के अंदर से मदद के लिए चीखें सुनाई आने लगी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायल यात्रियों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में पहुंचाया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय पुष्पकुंवर के रूप में हुई, जो राजस्थान के नागौर जिले के निवासी भंवर सिंह की पत्नी थीं।


