टीएमसी के बैंक खातों का संचालन जारी रहेगा, हाई कोर्ट से ममता बनर्जी को राहत; जानें क्या है पूरा विवाद
TMC के नाम और चुनाव चिन्ह विवाद के बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने पार्टी के तीन बैंक खातों के संचालन की अंतरिम व्यवस्था जारी रखी है। जानें पूरा मामला।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच पार्टी के वित्तीय संचालन को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने तीन बैंक खातों के संचालन के लिए पहले से लागू व्यवस्था को आगे बढ़ाया है। इसके तहत पार्टी रोजमर्रा के जरूरी खर्च और कानूनी जरूरतों के लिए खातों से राशि का इस्तेमाल कर सकेगी, लेकिन लेन-देन अदालत द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी की निगरानी में होगा। इससे ममता बनर्जी को राहत मिलेगी।
चुनाव चिन्ह बदलने से बैंक खातों पर क्या असर पड़ा?
चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के विवाद को देखते हुए आगामी उपचुनावों के लिए पार्टी के मूल नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चिन्ह के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा दी है। आयोग ने कहा कि दोनों गुट पार्टी पर नियंत्रण का दावा कर रहे हैं और अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
हालांकि, चुनावी पहचान को लेकर आयोग की यह अंतरिम व्यवस्था पार्टी के बैंक खातों के संचालन से अलग मामला है। बैंक खातों के संबंध में हाई कोर्ट ने पहले से तय निगरानी व्यवस्था जारी रखी है।
कैसे होगा बैंक खातों से पैसों का इस्तेमाल?
हाई कोर्ट ने जुलाई में तीन बैंक खातों के अस्थायी संचालन के लिए रिटायर्ड जज सुब्रत तालुकदार को विशेष अधिकारी नियुक्त किया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि खातों की राशि का इस्तेमाल पार्टी के आवश्यक रोजमर्रा के कामकाज और कानूनी खर्चों के लिए किया जा सकता है। बड़े या अन्य खर्चों के लिए विशेष अधिकारी की मंजूरी जरूरी होगी।
यानी बैंक खाते पूरी तरह पार्टी के नियंत्रण से बाहर नहीं हैं, लेकिन उनका संचालन सामान्य बैंकिंग व्यवस्था की तरह स्वतंत्र भी नहीं है। प्रत्येक लेन-देन पर अदालत द्वारा तय निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी।
TMC का नाम और चुनाव चिन्ह क्यों बदला?
चुनाव आयोग ने 18 सितंबर को दोनों गुटों के लिए अलग-अलग अस्थायी पहचान तय की। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबाल खिलाड़ी चुनाव चिन्ह दिया गया है। वहीं प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘ड्रेमोकेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चिन्ह आवंटित किया गया है। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के लिए है और अंतिम विवाद निपटने तक लागू रहेगी।
ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी याचिका में पार्टी के पुराने नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर लगी रोक को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।
इस तरह TMC विवाद फिलहाल दो अलग मोर्चों पर चल रहा है—एक तरफ चुनावी नाम और चिन्ह को लेकर आयोग की प्रक्रिया है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के बैंक खातों के संचालन पर हाई कोर्ट की निगरानी वाली अंतरिम व्यवस्था जारी है।


