टीआईएसएस दीक्षांत समारोह में बड़ा बदलाव, सीजेआई सूर्यकांत नहीं होंगे मुख्य अतिथि; आखिरी समय में बदला फैसला
टीआईएसएस के 86वें दीक्षांत समारोह में बड़ा बदलाव हुआ है। सीजेआई सूर्यकांत अब मुख्य अतिथि नहीं होंगे। 22 अगस्त को डॉ. सी. एस. प्रमेश समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।

नई दिल्ली। मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) के 86वें दीक्षांत समारोह को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। संस्थान ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने के अपने फैसले में बदलाव किया है। अब 22 अगस्त 2026 को होने वाले समारोह में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. सी. एस. प्रमेश मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
पहले सीजेआई सूर्यकांत को किया गया था आमंत्रित
टीआईएसएस का 86वां दीक्षांत समारोह पहले 2 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रविंद्र घुगे को विशिष्ट अतिथि के तौर पर बुलाया गया था।
हालांकि, समारोह से करीब 48 घंटे पहले संस्थान ने ईमेल के माध्यम से कार्यक्रम स्थगित किए जाने की जानकारी दी थी। उस समय टीआईएसएस प्रशासन ने इसके पीछे “अप्रत्याशित परिस्थितियों” को कारण बताया था। इसके बाद अब समारोह की नई तारीख और मुख्य अतिथि के नाम में भी बदलाव किया गया है।
22 अगस्त को नौरोजी कैंपस में होगा समारोह
संस्थान के अनुसार, अब दीक्षांत समारोह 22 अगस्त को मुंबई के देओनार स्थित TISS के नौरोजी कैंपस में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग टीआईएसएस कैंपस से स्नातक होने वाले छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे।
मुख्य अतिथि के तौर पर अब डॉ. सी. एस. प्रमेश को आमंत्रित किया गया है। वे टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के निदेशक हैं और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं।
विरोध की आशंका के बीच स्थगित हुआ था कार्यक्रम
कैंपस से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, पहले आयोजित होने वाले कार्यक्रम में संभावित विरोध और व्यवधान को लेकर संस्थान के भीतर चिंता थी। इसी बीच जस्टिस सूर्यकांत की एक कथित “कॉकरोच” टिप्पणी को लेकर छात्रों के बीच चर्चा और असंतोष की खबरें सामने आई थीं।
हाल के छात्र आंदोलनों के संदर्भ में इस टिप्पणी को लेकर भी बहस हुई थी। हालांकि, कार्यक्रम स्थगित करने और मुख्य अतिथि बदलने के पीछे टीआईएसएस की ओर से किसी विरोध या टिप्पणी को आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
सीजेआई सूर्यकांत को लेकर पहले भी हुआ विवाद
सीजेआई सूर्यकांत को विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुका है। हैदराबाद स्थित एनएएलएसएआर यूनिवर्सिटी में 2026 बैच के 450 से अधिक छात्रों ने उन्हें दीक्षांत समारोह का मुख्य अतिथि बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी। इस मामले में बाद में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की कार्रवाई और फैसले में बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई थी।


