टीपू सुल्तान ने महान काम किया था, फोटो विवाद के बीच कांग्रेस नेता उदित राज का बयान
शुक्रवार को मालेगांव की उप महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान के चित्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसे लेकर शिवसेना पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया और इसे हटाने की मांग की है।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में मालेगांव की उप महापौर के दफ्तर में मैसूर शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर विवाद जारी है। इसी बीच पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा है कि टीपू सुल्तान महान थे। इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने 18वीं सदी के शासक को भूमिपुत्र और योद्धा करार दिया था। छत्रपति शिवाजी से टीपू सुल्तान की तुलना पर भाजपा ने नाराजगी भी जाहिर की थी।
क्या बोले उदित राज
उदित राज ने कहा, 'ये जो दलित और आदिवासियों से नफरत करने वाले लोग थे इतिहास में, उनको प्रमोट करेंगे। चाहे सावरकर हों, चाहे गोलवलकर हों। टीपू सुल्तान ने महान काम किया था। आप जानते हैं स्तन टैक्स हुआ करता था। टीपू सुल्तान ने सबसे बड़ा रिफॉर्म इस बात को कहा कि शूद्र की महिला को स्तन ढंकने का अधिकार होगा। इसलिए नफरत करते हैं। जो दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को, चाहे वो कोई भी हो। जो उनको प्रमोट करता है, ये उनसे नफरत करते हैं।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
शुक्रवार को मालेगांव की उप महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान के चित्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसे लेकर शिवसेना पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया और इसे हटाने की मांग की है। शिवसेना के समूह नेता नीलेश अहेर के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे पार्टी पार्षदों और अहमद के बीच तीखी बहस हुई। अहमद ने गुस्से में कहा कि वह चित्र नहीं हटाएंगे।
छत्रपति शिवाजी से टीपू सुल्तान की तुलना करने पर भाजपा भड़की
सपकाल की मैसूर के 18वीं शताब्दी के शासक टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी महाराज के समकक्ष बताने वाली टिप्पणी को लेकर राज्य में सियासी विवाद खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल की तीखी आलोचना करते हुए उनकी टिप्पणी को शर्मनाक करार दिया। पुणे में भाजपा के एक पदाधिकारी ने इस मुद्दे पर सपकाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
सपकाल ने कहा था, 'इस तरह टीपू सुल्तान एक योद्धा और भारत के भूमिपुत्र के रूप में उभरे। उन्होंने कभी भी जहरीली विचारधाराओं को नहीं अपनाया। हमें टीपू सुल्तान को वीरता के प्रतीक के रूप में शिवाजी महाराज के समकक्ष मानना चाहिए।' फडणवीस ने सपकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि यह तुलना निंदनीय है और कांग्रेस नेता को खुद पर शर्म आनी चाहिए।


