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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: शूटर्स और हैंडलर के बीच इंटरनेट कॉल से संपर्क, पुलिस की हरकतों की मिल रही थी जानकारी

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शूटर्स और कथित हैंडलर इंटरनेट कॉल व मैसेज से संपर्क में थे। पुलिस अब आरोपियों तक जांच की जानकारी पहुंचाने वाले की तलाश कर रही है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: शूटर्स और हैंडलर के बीच इंटरनेट कॉल से संपर्क, पुलिस की हरकतों की मिल रही थी जानकारी
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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस की जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद फरार हुए आरोपी कथित हैंडलर के संपर्क में थे और इंटरनेट कॉल तथा मैसेज के जरिए उन्हें निर्देश मिल रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पुलिस की गतिविधियों और उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जा रही थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों तक जांच से जुड़ी गोपनीय जानकारियां कौन पहुंचा रहा था।

इंटरनेट कॉल और मैसेज से मिल रहे थे निर्देश

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, CCTV फुटेज में आरोपी रेहान को लगातार मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों को मैसेज के जरिए बताया जा रहा था कि उनकी बाइक अंधेरी में मिल गई है और जांच एजेंसियों को उनके ट्रेन से सफर करने की जानकारी भी मिल चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान और लोकेशन को लेकर जांच आगे बढ़ने की सूचना मिलने पर उन्हें वहां से निकलने के निर्देश दिए गए। रेहान अंसारी को भी कथित तौर पर जगह छोड़ने के लिए संदेश भेजा गया था। हालांकि, इन संदेशों के पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

बाइक से ट्रेन और फिर कैब से भागे आरोपी

पुलिस की जांच में सामने आया कि 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर कथित फायरिंग के बाद आरोपी बाइक से फरार हुए। इसके बाद उन्होंने ट्रेन और कैब का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग जगहों तक पहुंचने की कोशिश की।

मुंबई पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर राजस्थान पुलिस ने सूरत से जयपुर जा रही ट्रेन में आरोपियों को पकड़ लिया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इंटरनेट आधारित कॉलिंग के इस्तेमाल ने आरोपियों की बातचीत को ट्रैक करना मुश्किल बना दिया था। हालांकि, कैब ड्राइवर के साथ हुई एक सामान्य फोन कॉल से पुलिस को उनकी गतिविधियों का सुराग मिला।

अमेरिका और सोनीपत में मौजूद लोगों की भूमिका की जांच

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि कम्युनिकेशन ऐप के जरिए निर्देश देने वालों में अमेरिका में मौजूद अनिल पंडित या हाल ही में सोनीपत से गिरफ्तार किए गए अंकित खटक और समीर खत्री की भूमिका हो सकती है। फिलहाल, इन आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

पुलिस को आरोपियों से कुछ वीडियो, तस्वीरें और बातचीत से संबंधित जानकारी मिलने की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों को मीडिया रिपोर्टों और पुलिस की कार्रवाई के बारे में अपडेट कौन दे रहा था।

अब तक 10 गिरफ्तार, टाइगर श्रॉफ ने जताया था सदमा

इस मामले में पुलिस अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। फायरिंग करने के आरोप में पकड़े गए फूल सिंह (18), रेहान रहीसुद्दीन अंसारी (18) और ऋतिक महतो (22) के 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में होने की जानकारी दी गई है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, घटना के बाद पुलिस से बातचीत में टाइगर श्रॉफ ने कहा था कि वह फायरिंग की घटना से बेहद सदमे में हैं। अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें किसी से दुश्मनी होने की जानकारी नहीं है और वह नहीं जानते कि हमला किसने और क्यों कराया। पुलिस अब फायरिंग के पीछे की वजह और कथित साजिश के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।


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