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टाटा संस में बड़ा नेतृत्व बदलाव, एन. चंद्रशेखरन ने चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया है। वह फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे। AGM से पहले इस फैसले से टाटा समूह में नेतृत्व बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।

टाटा संस में बड़ा नेतृत्व बदलाव, एन. चंद्रशेखरन ने चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा
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नई दिल्ली। टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति यानी फरवरी 2027 तक जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। उनके इस्तीफे की खबर ऐसे समय आई है, जब 18 अगस्त को टाटा संस की अहम वार्षिक आम बैठक (AGM) प्रस्तावित है।

करीब एक दशक बाद नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी

एन. चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस की कमान संभाली थी। इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के प्रमुख रह चुके थे। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने एयरलाइन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और डिजिटल कारोबार जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश किए।

उनके इस्तीफे के बाद टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार TCS के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत तक गिरावट आई, जबकि टाटा मोटर्स, टाइटन और टाटा स्टील समेत अन्य कंपनियों के शेयर भी नीचे आए।

AGM से पहले क्यों अहम है यह फैसला?

चंद्रशेखरन का निर्णय टाटा संस के बोर्ड में उनकी दोबारा नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता के बीच आया है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ट्रस्ट्स और कंपनी के नेतृत्व के बीच बोर्ड प्रतिनिधित्व और रणनीतिक दिशा समेत कई मुद्दों पर मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं।

चंद्रशेखरन के इस्तीफे से टाटा समूह में अगले नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, अभी उनके उत्तराधिकारी के नाम की घोषणा नहीं हुई है।

टाटा ट्रस्ट्स में भी बदलाव

टाटा समूह से जुड़े ट्रस्ट्स में भी हाल के दिनों में बदलाव देखने को मिले हैं। सर रतन टाटा ट्रस्ट से जुड़े विजय सिंह के इस्तीफे की खबर भी सामने आई है। वहीं, टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच कंपनी की भविष्य की दिशा तथा शासन व्यवस्था को लेकर मतभेदों की चर्चा जारी है।

चंद्रशेखरन फरवरी 2027 तक पद पर बने रहेंगे, इसलिए तत्काल प्रशासनिक बदलाव के बजाय यह फैसला टाटा समूह में भविष्य के नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया की शुरुआत माना जा रहा है।


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