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तमिलनाडु की सीफूड फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक से सात महिलाओं की मौत, 65 से अधिक श्रमिक अस्पताल में भर्ती

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में सीफूड फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक होने से सात महिलाओं की मौत और 65 से अधिक श्रमिक प्रभावित। NDRF तैनात, मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए।

तमिलनाडु की सीफूड फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक से सात महिलाओं की मौत, 65 से अधिक श्रमिक अस्पताल में भर्ती
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तिरुवल्लूर। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण (सीफूड) इकाई में अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा हो गया। पेरियापालयम के पास कन्निगाइपैर स्थित सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स फैक्ट्री में हुए इस हादसे में सात महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 65 से अधिक श्रमिक प्रभावित हुए हैं। कई कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। प्रभावित श्रमिकों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

NDRF की विशेष टीम ने संभाला मोर्चा

गैस रिसाव की सूचना मिलते ही अरक्कोनम स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की चौथी बटालियन को अलर्ट किया गया। इसके बाद चेन्नई से 30 सदस्यीय विशेष टीम को घटनास्थल पर भेजा गया।

एनडीआरएफ की टीम अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों, गैस डिटेक्टर, पीपीई किट और रासायनिक आपदाओं से निपटने वाले विशेष संसाधनों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने फैक्ट्री परिसर को सुरक्षित करने और गैस रिसाव के स्रोत की पहचान करने का काम शुरू किया।

कई मरीजों की हालत गंभीर

जिला कलेक्टर एस. कविता के अनुसार, प्रभावित श्रमिकों में से 46 लोगों का इलाज वेल्स अस्पताल में और 21 का इलाज वेंकटेश्वर अस्पताल में चल रहा है। गंभीर रूप से प्रभावित नौ मरीजों को बेहतर उपचार के लिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार अधिकांश प्रभावित कर्मचारी युवा महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 24 से 25 वर्ष के बीच है। कई मरीजों को सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने के कारण वेंटिलेटर और आईसीयू में रखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि कुछ मरीजों का रक्तचाप सामान्य से काफी कम पाया गया है, हालांकि उनकी उम्र कम होने के कारण उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

वाल्व खराबी बनी हादसे की वजह?

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि फैक्ट्री के किसी तकनीकी वाल्व में खराबी के कारण अमोनिया गैस का रिसाव हुआ। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने गठित की जांच समिति

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति में औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक को शामिल किया गया है।

समिति को 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को तिरुवल्लूर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।

राज्यपाल ने जताया शोक

तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि अर्लेकर ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राज्य सरकार ने भी पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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