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निकाय चुनाव के लिए चाचा-भतीजा एकसाथ, अजित पवार के साथ मंच पर दिखीं सुप्रिया; घोषणा पत्र जारी

आपको बता दें कि जुलाई 2023 में अजीत पवार द्वारा अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों गुटों के शीर्ष नेता इस तरह एक साथ नजर आए हैं।

निकाय चुनाव के लिए चाचा-भतीजा एकसाथ, अजित पवार के साथ मंच पर दिखीं सुप्रिया; घोषणा पत्र जारी
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मुंबई। एनसीपी और एनसीपी (शरद पवार) ने शनिवार को पुणे नगर निगम चुनाव में एक साथ चुनाव लड़ने के फैसले के बाद अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अजित पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने एक ही मंच साझा किया। शरद पवार और अजीत पवार की पार्टी पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ में निकाय चुनाव एकसाथ लड़ रही है।

आपको बता दें कि जुलाई 2023 में अजीत पवार द्वारा अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों गुटों के शीर्ष नेता इस तरह एक साथ नजर आए हैं । महाराष्ट्र की 29 स्थानीय निकायों में 15 जनवरी को मतदान होना है।

हालांकि अजीत पवार की राकांपा सत्ताधारी 'महायुति' का हिस्सा है और सुप्रिया सुले की राकांपा (शरद चंद्र पवार) विपक्षी 'महाविकास अघाड़ी' (MVA) में शामिल है, लेकिन पुणे और पिंपरी-चिंचवड के स्थानीय समीकरणों के मद्देनजर दोनों गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। घोषणापत्र जारी करने के दौरान सुप्रिया सुले और राकांपा (एसपी) के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जो अब तक चुनाव प्रचार से काफी हद तक दूर नजर आ रहे थे।

क्या फिर से एक होगा पवार परिवार?

इस संयुक्त उपस्थिति के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या पवार परिवार और पार्टी फिर से एक होने वाली है। अजीत पवार ने भी इन अटकलों को हवा देते हुए कहा कि राजनीति में कोई भी स्थायी दुश्मन नहीं होता। उन्होंने संकेत दिया कि निकाय चुनावों के बाद दोनों गुटों के स्थायी रूप से साथ आने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कार्यकर्ता इस गठबंधन से बेहद खुश हैं, हालांकि गठबंधन और सीटों के बंटवारे की व्यस्तता के कारण अभी विस्तार से चर्चा का समय नहीं है।

एनसीपी के पुणे निगम चुनाव घोषणापत्र में प्रमुख वादे

हर घर को नल से प्रतिदिन साफ पानी की सुविधा।

यातायात और सड़कें सुरक्षित, गड्ढों से मुक्त पुणे।

नियमित सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करना।

शहर में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना।

प्रदूषण मुक्त और हरित पुणे का निर्माण।

झुग्गी-झोपड़ियों का पुनर्वास और पुरानी इमारतों का नवीनीकरण।

PMPML बस और मेट्रो में मुफ्त यात्रा।

500 वर्ग फीट तक के घरों पर संपत्ति कर माफी

पुणेवासियों के प्रति जिम्मेदार और पारदर्शी प्रशासन।

हर बच्चे के लिए पुणे मॉडल स्कूल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा।

छात्रों के लिए मुफ्त कंप्यूटर टैबलेट

अजित पवार ने स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र से पर्याप्त फंड मिलने के बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ का विकास रोक दिया गया। पिछले नगर निगम चुनावों में 2017 से 2022 तक दोनों निगमों में भाजपा की सरकार थी। इस बार एनसीपी का गठबंधन उनके विकास एजेंडे के साथ जनता के सामने चुनावी विकल्प पेश कर रहा है।

15 जनवरी को निकाय चुनाव

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 15 जनवरी को 29 नगर निगमों, जिनमें पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ शामिल हैं, के लिए चुनाव होने हैं। राज्य चुनाव आयोग ने 15 जनवरी को इन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है ताकि अधिक से अधिक लोग वोट डालें। आयोग ने 70% से ज्यादा मतदान सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है।

128 पार्षदों का चुनाव

पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में भाजपा अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है, जबकि एनसीपी पिंपरी-चिंचवाड़ के 32-वार्ड निगम में वापसी की तैयारी कर रही है। इस निगम में लगभग 17.13 लाख मतदाता होंगे, जो 128 पार्षदों का चुनाव करेंगे।


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