Top
Begin typing your search above and press return to search.

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई मामले में तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सीजेआई बोले- वीडियो देखने का समय नहीं

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर अर्जेंट याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है।

प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई मामले में तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सीजेआई बोले- वीडियो देखने का समय नहीं
X
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर एक अर्जेंट याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया था कि न्यायालय प्रदर्शन से जुड़े वीडियो देखकर स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) ले, लेकिन भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और इसके कई वीडियो उपलब्ध हैं। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि इन वीडियो को देखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए।

सीजेआई ने कहा- कोर्ट का समय बर्बाद न करें

वकील की दलील सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आधार पर तत्काल सुनवाई या स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मुख्य न्यायाधीश ने वकील से कहा कि वह न तो अदालत का समय व्यर्थ करें और न ही अपना समय बर्बाद करें। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।

छात्रों की मांगों का भी किया गया जिक्र

याचिकाकर्ता ने अदालत को यह भी बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्र शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगों में NEET परीक्षा की निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में बदलाव शामिल हैं।

छात्रों का कहना है कि भविष्य में परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और कथित गड़बड़ियों को रोकने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य से वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस चरण में मामले पर कोई टिप्पणी करने या स्वतः संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। अदालत की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि अर्जेंट सुनवाई के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it