विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, धोखाधड़ी मामले में दो महीने बाद मिली जमानत
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को सुप्रीम कोर्ट ने बेल दे दी है। उन्हें 7 दिसंबर को जेल भेजा गया था और 13 फरवरी के दिन उन्हें रिहा किया गया है।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को जमानत दे दी। दोनों बीते 7 दिसंबर से जेल में बंद थे। विक्रम और श्वेतांबरी पर उदयपुर के एक व्यापारी से भारी लाभ होने का वादा कर के पैसों की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
शिकायतकर्ता और राजस्थान सरकार को भेजा नोटिस
चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने उन्हें उदयपुर जेल से तुरंत रिहा करने का आदेश दिया और चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से कहा कि वे नियम और शर्तें बताते हुए बेल ऑर्डर पास करें।
इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता इंदिरा आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर के संस्थापक अजय मुर्डिया और राजस्थान सरकार को 19 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई में पेश होने का नोटिस भेजा है।
7 दिसंबर से जेल में थे विक्रम-श्वेतांबरी
इससे पूर्व 31 जनवरी को राजस्थान उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी मामले में विक्रम और उनकी पत्नी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। याचिका खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि इस स्टेज पर आरोपी को जमानत देना सही नहीं होगा। शिकायत के बाद 7 दिसंबर को दोनों को अरेस्ट करके मुंबई से उदयपुर लाया गया था।
क्या था मामला?
उदयपुर में व्यापारी अजय मुर्डिया ने फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी पर धोखाधड़ी का केस किया था। आरोप था कि कपल ने उन्हें भारी मुनाफा दिखाकर फिल्म निर्माण में निवेश करने के लिए कहा।
दोनों ने उनसे करीब 30 करोड़ रुपए लिए मगर उनका सही तरीके से उपयोग नहीं किया। इसके साथ ही दोनों ने अलग-अलग नामों से फर्जी बिल लगाकर अजय से पैसे भी लिए। फिल्म के नाम पर लिए गए ये पैसे विक्रम ने अपने व्यक्तिकत अकांउट में जमा कराए।


