सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, सीनियर एडवोकेट वी मोहना बनीं न्यायाधीश
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी दी। वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना इतिहास रचते हुए सुप्रीम कोर्ट की 12वीं महिला जज बनीं। जानिए नए नियुक्त न्यायाधीशों के बारे में।

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट को पांच नए न्यायाधीश मिल गए हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को चार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसकी जानकारी साझा की। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गई थी। नई नियुक्तियों के बाद अदालत में जजों की संख्या 37 पहुंच गई है।
कॉलेजियम की सिफारिश पर लगी मुहर
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इन नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। सरकार की मंजूरी के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनेंगे।
वी मोहना बनीं इतिहास रचने वाली दूसरी महिला वकील
वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना की नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद वह देश की दूसरी महिला हैं जिन्हें सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह सुप्रीम कोर्ट के इतिहास की 12वीं महिला जज बन जाएंगी। वर्तमान में शीर्ष अदालत में केवल जस्टिस बी.वी. नागरत्ना महिला न्यायाधीश हैं और वी मोहना उनके साथ दूसरी मौजूदा महिला जज होंगी।
सीधे बार से नियुक्त होने के कारण वी मोहना का कार्यकाल अपेक्षाकृत लंबा रहेगा और वह जून 2031 तक सुप्रीम कोर्ट में सेवाएं देंगी।
कानूनी क्षेत्र में लंबा और प्रभावशाली अनुभव
तमिलनाडु के कोयंबटूर में 27 जून 1966 को जन्मीं वी मोहना ने 1988 में कानून की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. विद्यानाथन के मार्गदर्शन में वकालत शुरू की और 1996 में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड बनीं। वर्ष 2015 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा मिला।
उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में पक्ष रखा है, जिनमें सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन, वरिष्ठ नागरिकों के संपत्ति अधिकार और कर्नाटक हिजाब विवाद से जुड़े मामले प्रमुख हैं। वह वर्तमान सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की सहपाठी भी रही हैं।
चार मुख्य न्यायाधीशों को भी मिली पदोन्नति
नई नियुक्तियों में शामिल जस्टिस शील नागू व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पर्यावरण संबंधी मामलों के फैसलों के लिए जाने जाते हैं। जस्टिस श्री चंद्रशेखर ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों की सुनवाई की है और उनकी नियुक्ति से झारखंड को सुप्रीम कोर्ट में प्रतिनिधित्व मिला है।
जस्टिस संजीव सचदेवा का कानूनी और न्यायिक अनुभव तीन दशकों से अधिक का है, जबकि जस्टिस अरुण पल्ली ने मध्यस्थता और लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों के निस्तारण में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इन नियुक्तियों को न्यायपालिका में अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और लैंगिक संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


