भाड़े की कमाई से खर्च चला रहे सुभाष चंद्रा, बोले- घर का आधा हिस्सा किराए पर दे दिया
सुभाष चंद्रा ने अपनी आर्थिक स्थिति, NCLT मामले और 45 हजार करोड़ रुपये के कर्ज पर सफाई दी। बोले- घर का आधा हिस्सा किराए पर देकर खर्च चला रहा हूं और फिर कारोबार शुरू करूंगा।

‘अब मेरे पास करीब 6.5 करोड़ रुपये ही बचे हैं’
सुभाष चंद्रा ने कहा कि मौजूदा समय में उनके पास लगभग 6.5 करोड़ रुपये बचे हैं और NCLT के तहत तय योजना के मुताबिक इस राशि का इस्तेमाल देनदारियों के भुगतान में किया जाएगा। उन्होंने अपनी निजी जिंदगी की स्थिति बताते हुए कहा कि उनके पास एक छोटा आवासीय मकान है, जिसका आधा हिस्सा उन्होंने किराए पर दे रखा है। इसी किराए से वह अपने रोजमर्रा के खर्च पूरे कर रहे हैं।
चंद्रा ने कहा कि उन्हें अपनी स्थिति को लेकर कोई अफसोस नहीं है। उनका कहना है कि वह खुद को ऐसा व्यक्ति नहीं मानते जिसने सब कुछ खो दिया हो। उन्होंने भरोसा जताया कि वह दोबारा कारोबार खड़ा कर सकते हैं।
45 हजार करोड़ के कर्ज पर दी सफाई
सुभाष चंद्रा ने करीब 45,000 करोड़ रुपये के कर्ज से जुड़ी चर्चाओं पर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, उनके कारोबारी समूह ने करीब 45 हजार करोड़ रुपये उधार लिए थे, लेकिन इसमें से लगभग 43 हजार करोड़ रुपये चुकाए जा चुके हैं। उनके अनुसार करीब 2,000 करोड़ रुपये की देनदारी अभी कुछ कंपनियों की संपत्तियों और देनदारियों से जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि NCLT की कार्यवाही मुख्य रूप से उन व्यक्तिगत गारंटियों से संबंधित है, जो उन्होंने कुछ कर्जदाताओं को दी थीं। चंद्रा का दावा है कि कुछ कर्जदाताओं को उनका पैसा पहले ही मिल चुका था, फिर भी उनके खिलाफ दावे दाखिल किए गए।
620 करोड़ के दावों का निपटारा
चंद्रा के मुताबिक, अदालत द्वारा नियुक्त रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल्स ने कर्जदाताओं के दावों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। उन्होंने बताया कि करीब 620 करोड़ रुपये के दावों का निपटारा हो चुका है, जबकि उनकी कर्ज लेने वाली कंपनियों की ओर से कर्जदाताओं को करीब 1,100 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि परिवार ने कर्ज चुकाने के लिए अपनी कई संपत्तियां बेच दीं। उनका दावा है कि 2019 में कारोबारी संकट शुरू होने के बाद से लगातार देनदारियों को पूरा करने की कोशिश की गई है।
‘मेरी निजी संपत्ति कभी 45 हजार करोड़ नहीं थी’
सुभाष चंद्रा ने उस धारणा को भी खारिज किया कि उनकी निजी संपत्ति कभी 45 हजार करोड़ रुपये रही थी। उन्होंने कहा कि कई बार कंपनियों की मार्केट वैल्यू या नेटवर्थ को व्यक्ति की निजी संपत्ति मान लिया जाता है। उन्होंने 2016 में राज्यसभा सदस्य बनने के समय दाखिल संपत्ति घोषणा का हवाला देते हुए कहा कि उनकी निजी नेटवर्थ करीब 39 करोड़ रुपये थी।
फिर कारोबार में लौटने की तैयारी
आर्थिक मुश्किलों के बावजूद चंद्रा ने कारोबार से दूरी बनाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह दोबारा बिजनेस शुरू करेंगे। इसके लिए वह निवेश के संभावित अवसरों पर चर्चा करने के लिए स्विट्जरलैंड में अपने एक कारोबारी मित्र से मिलने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर परिवार से 2 से 4 करोड़ रुपये तक उधार लेकर स्टार्टअप और अन्य कारोबारों में निवेश किया जा सकता है।


