बिहार और बंगाल को काटकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की अटकलें, सरकार ने दिया जवाब
यह अफवाह तब और तेज हो गई जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीमांचल और उत्तर बंगाल का दौरा किया। गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ और ड्रग तस्करी रोकने के लिए बैठकें की थीं।

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में बिहार के सीमांचल का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने बिहार के बड़े अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक की। इसके बाद इस बात की अटकलें लगने लगी कि बिहार के कुछ जिलों और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों के मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी चल रही है।
इन अटकलों को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने और हवा दे दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा बंगाल को बांटने की कोशिश कर रही है। इन अटकलों पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। इसे महज एक अफवाह करार दिया। आपको बता दें कि अटकलों में दावा किया जा रहा है कि बिहार के सीमांचल क्षेत्र (पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया) और पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों (मालदा, उत्तर दिनाजपुर और सिलीगुड़ी कॉरिडोर) को जोड़कर एक नया प्रशासनिक केंद्र बनाया जाएगा।
यह पूरी तरह से अफवाह
पीआईबी का कहना है कि भारत सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह पूरी तरह से एक अफवाह है। गृह मंत्रालय (MHA) या किसी भी आधिकारिक संस्था ने इस तरह की किसी योजना की पुष्टि नहीं की है। सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ऐसी अपुष्ट और संवेदनशील खबरों को साझा न करें जो क्षेत्रीय भावनाओं या राजनीतिक तनाव को भड़का सकती हैं।
🚨 Fake News Alert
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 7, 2026
Social media posts are claiming that the Government is planning to create a new Union Territory comprising districts from Bihar and West Bengal near the Siliguri corridor.#PIBFactCheck
❌ This claim is #Fake
✅There is no such proposal under consideration… pic.twitter.com/jv8Fi9RKnF
अफवाह क्यों फैली?
यह अफवाह तब और तेज हो गई जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के सीमांचल और उत्तर बंगाल का दौरा किया। गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ और ड्रग तस्करी रोकने के लिए बैठकें की थीं। वहीं, भारतीय सेना ने हाल ही में सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए किशनगंज (बिहार) और पश्चिम बंगाल में नई चौकियां स्थापित की हैं।
विपक्षी दलों और कुछ स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने किया प्रचारित
विपक्षी दलों और कुछ स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने इन सुरक्षा कदमों को नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी के रूप में प्रचारित किया, जिसका सरकार ने अब खंडन कर दिया है।आपको बता दें कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर पश्चिम बंगाल में स्थित भूमि की एक संकीर्ण पट्टी (20-22 किमी चौड़ी) है जो मुख्य भूमि भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ती है। यह रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है। सरकार यहां एक अंडरग्राउंड रेलवे प्रोजेक्ट (40 किमी) बनाने की योजना जरूर बना रही है ताकि युद्ध या आपदा के समय पूर्वोत्तर से संपर्क न टूटे, लेकिन इसके लिए किसी भौगोलिक या प्रशासनिक बदलाव का कोई इरादा नहीं है।


