दक्षिण अफ्रीका ने भारत से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाया, जुमा-गुप्ता ब्रदर्स से मुलाकात पर मचा विवाद
दक्षिण अफ्रीका ने भारत में अपने उच्चायुक्त अनिल सूकलाल को परामर्श के लिए वापस बुलाया है। जैकब जुमा और अजय गुप्ता से कथित मुलाकात के बाद विवाद बढ़ा।

नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका ने भारत में अपने उच्चायुक्त अनिल सूकलाल को परामर्श के लिए वापस बुला लिया है। यह कदम पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा और विवादित कारोबारी अजय गुप्ता से उनकी कथित मुलाकात की खबरों के बाद उठाया गया है। दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सूकलाल को वापस बुलाकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करने का फैसला किया है।
दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला ने बताया कि उच्चायुक्त को कुछ विचार-विमर्श के लिए वापस बुलाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद दक्षिण अफ्रीका की राजनीति में भी बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने राजनयिक की भूमिका और उनकी कथित मुलाकातों को लेकर सवाल उठाए हैं।
जून में जुमा और अजय गुप्ता से मुलाकात की चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा और दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त अनिल सूकलाल की हरिद्वार में मुलाकात हुई थी। इसी दौरान विवादित कारोबारी अजय गुप्ता के भी वहां मौजूद होने की खबर सामने आई। मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें सामने आने के बाद दक्षिण अफ्रीका में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
अनिल सूकलाल भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी राजनयिक हैं। वह दक्षिण अफ्रीका के विदेश विभाग से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और जी20 तथा ब्रिक्स के शेरपा के रूप में भी काम कर चुके हैं। वर्ष 2019 में उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।
जैकब जुमा और गुप्ता ब्रदर्स पर लगे हैं गंभीर आरोप
जैकब जुमा वर्ष 2009 से 2018 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रहे। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय मूल के कारोबारी अजय, अतुल और राजेश गुप्ता के साथ उनके करीबी संबंधों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। गुप्ता परिवार पर दक्षिण अफ्रीकी सरकार और सरकारी संस्थानों पर प्रभाव डालने तथा भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे।
इसी पृष्ठभूमि में जुमा और गुप्ता परिवार से किसी वरिष्ठ राजनयिक की मुलाकात को दक्षिण अफ्रीका में संवेदनशील मामला माना जा रहा है। सरकार ने सूकलाल की भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगने का फैसला किया है।
डेमोक्रेटिक अलायंस ने जांच की मांग की
दक्षिण अफ्रीका की दूसरी बड़ी सहयोगी पार्टी डेमोक्रेटिक अलायंस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि यदि मुलाकात राजनयिक प्रोटोकॉल के विपरीत हुई है तो इसकी जांच होनी चाहिए।
वहीं, दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपतियों और विदेश यात्रा करने वाले राजनयिकों से जुड़े नियमों को और सख्त किया जाएगा। भविष्य में ऐसी यात्राओं से पहले राष्ट्रपति कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग विभाग को यात्रा की पूरी रूपरेखा उपलब्ध करानी होगी। यात्रा के दौरान भी तय प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।


