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आपातकाल पर सोनिया गांधी ने किया इंदिरा गांधी का बचाव, बोलीं- सब संवैधानिक रूप से हुआ; मोदी सरकार पर भी साधा निशाना

सोनिया गांधी ने आपातकाल को लेकर इंदिरा गांधी का बचाव किया और कहा कि फैसले संवैधानिक तरीके से लिए गए थे। साथ ही मोदी सरकार पर लोकतंत्र और संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

आपातकाल पर सोनिया गांधी ने किया इंदिरा गांधी का बचाव, बोलीं- सब संवैधानिक रूप से हुआ; मोदी सरकार पर भी साधा निशाना
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नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 1975 में लगाए गए आपातकाल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाई गई थी और बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) का अधिकार भी निलंबित किया गया था, लेकिन यह सब संवैधानिक तरीके से किया गया था। वहीं, सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देश के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' को दिए इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने आपातकाल, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और अपनी आने वाली संस्मरण पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' को लेकर विस्तार से बात की।

आपातकाल पर क्या बोलीं सोनिया गांधी?

साल 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लागू किया था, जो करीब 21 महीने तक चला। इस दौरान नागरिकों के कई लोकतांत्रिक अधिकार सीमित कर दिए गए थे। सोनिया गांधी ने कहा कि उन्हें आपातकाल के बाद ही पता चला कि उस समय वास्तव में क्या हो रहा था और परिस्थितियां कितनी गंभीर थीं।

उन्होंने स्वीकार किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर पाबंदी लगाई गई थी, लेकिन उनका कहना है कि आपातकाल से जुड़े फैसले संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिए गए थे।

सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि उस समय देश में हिंसक प्रदर्शन हो रहे थे। सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक परिवहन को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। उनके मुताबिक, नौकरशाही और सशस्त्र बलों से भी सरकारी आदेशों की अवहेलना करने की अपील की गई थी। इंदिरा गांधी इन बिगड़ती परिस्थितियों से निपटने की कोशिश कर रही थीं।

इंदिरा गांधी ने खुद कराया था चुनाव, ज्यादतियों पर जताया था खेद

सोनिया गांधी ने कहा कि आपातकाल से जुड़े विवाद का समाधान आखिरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए ही निकला। उन्होंने याद दिलाया कि इंदिरा गांधी ने परिस्थितियों को समझते हुए मार्च 1977 में आम चुनाव कराने का फैसला किया था।

उन्होंने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी ने बाद में आपातकाल के दौरान हुई ज्यादतियों पर सार्वजनिक रूप से खेद जताया और माफी भी मांगी थी। सोनिया के अनुसार, आज पीछे मुड़कर देखने पर उस दौर की घटनाओं को बेहतर नजरिये से समझा जा सकता है।

मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप

इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की बुनियाद, लोकतंत्र और संस्थागत व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने दावा किया कि अब आम लोगों को भी इस नुकसान का एहसास होने लगा है। सोनिया गांधी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में देश के मतदाता लोकतांत्रिक व्यवस्था को दोबारा मजबूत करने और बेहतर शासन की वापसी का समर्थन करेंगे।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के जाने के बाद भी लोकतांत्रिक संस्थाओं को उनकी पुरानी स्थिति में लाने में समय लगेगा। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर प्रयास करने होंगे। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के लोग लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के पक्ष में खड़े होंगे।

'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' में बताएंगी अपनी जिंदगी के अनकहे किस्से

सोनिया गांधी इन दिनों अपनी संस्मरण पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने बताया कि यह किताब केवल उनकी और राजीव गांधी की प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि भारत और राजीव गांधी के परिवार के साथ उनके जुड़ाव की कहानी भी है।

सोनिया के मुताबिक, राजीव गांधी से विवाह के बाद उनका रिश्ता धीरे-धीरे उनके परिवार और भारत से गहरा होता गया। इसी अपनापन और प्रेम ने उन्हें आगे चलकर सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रेरित किया।

इटली में बचपन से भारतीय राजनीति तक का सफर

इस पुस्तक में सोनिया गांधी ने युद्ध के बाद के इटली में बिताए बचपन, राजीव गांधी से मुलाकात, भारत आने और व्यक्तिगत जीवन के कठिन दौर का जिक्र किया है। इसमें यह भी बताया गया है कि कैसे उन्होंने भारत को अपना घर बनाया और अंततः राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

सोनिया गांधी के इस इंटरव्यू ने एक बार फिर आपातकाल के इतिहास, कांग्रेस की राजनीतिक विरासत और मौजूदा केंद्र सरकार को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।


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