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सिक्किम टनल हादसा: लैंडस्लाइड में 9 की मौत, कई अब भी फंसे; गैस रिसाव और बारिश से रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण

सिक्किम की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में लैंडस्लाइड से 9 लोगों की मौत हो गई। 12 लोगों को बचाया गया है, जबकि 17 से अधिक लोग अब भी फंसे हैं। गैस रिसाव और बारिश से रेस्क्यू अभियान प्रभावित है।

सिक्किम टनल हादसा: लैंडस्लाइड में 9 की मौत, कई अब भी फंसे; गैस रिसाव और बारिश से रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण
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गंगटोक। सिक्किम में निर्माणाधीन टनल में हुए भीषण लैंडस्लाइड हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत बन रही सुरंग में सोमवार दोपहर हुए हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी 17 से अधिक लोगों के सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन लगातार बारिश और मीथेन गैस के रिसाव के कारण अभियान में भारी मुश्किलें आ रही हैं।

बताया जा रहा है कि यह हादसा सोमवार दोपहर करीब 3:09 बजे हुआ, जब सुरंग के भीतर निर्माण और निरीक्षण कार्य चल रहा था। अचानक हुए भूस्खलन से सुरंग का बड़ा हिस्सा मलबे से भर गया, जिससे कई अधिकारी, इंजीनियर और मजदूर अंदर फंस गए।

मीथेन गैस रिसाव से बढ़ा खतरा

बचाव कार्य के दौरान सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर मीथेन गैस के रिसाव के रूप में सामने आई है। गैस की मौजूदगी के कारण रेस्क्यू टीमों को विशेष सुरक्षा उपकरणों और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से बेहद सावधानी के साथ अंदर जाना पड़ रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि गैस रिसाव के कारण किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। इसलिए बचाव अभियान धीमी गति से लेकिन पूरी सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है।

विस्फोट जैसी आवाज के बाद हुआ भूस्खलन

जिला प्रशासन के अनुसार, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। हादसे से सुरक्षित बाहर निकलने वाले कुछ मजदूरों ने बताया कि उन्होंने घटना से कुछ क्षण पहले सुरंग के भीतर विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनी थी। इसके तुरंत बाद भारी मात्रा में मलबा गिरा और सुरंग का हिस्सा धंस गया।

घटना के बाद सुरंग के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर समय रहते बाहर निकल आए, लेकिन कई कर्मचारी और अधिकारी मलबे में फंस गए।

7 किलोमीटर लंबी सुरंग के भीतर हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना लगभग 7 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सुरंग में समरडुंग (थलथाले-सिरवानी) की ओर से करीब 3 किलोमीटर अंदर हुई। उस समय निरीक्षण के लिए NHPC के अधिकारी, पटेल इंजीनियरिंग के इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ और मजदूर मौके पर मौजूद थे।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय सुरंग के भीतर लगभग 25 से 30 लोग मौजूद थे। इनमें से कई को बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। प्रशासन ने अभी फंसे लोगों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बारिश और अस्थिर हालात से राहत कार्य प्रभावित

लगातार हो रही बारिश, सुरंग के भीतर अस्थिर चट्टानें और गैस रिसाव के चलते राहत एवं बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अभियान के दौरान कुछ बचावकर्मी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।

मौके पर NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है और इसके लिए हर संभव संसाधन लगाए जा रहे हैं।


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