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शिवराज की नई पुस्तक 'अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव' का विमोचन, सुनाया ईमेल-फीमेल वाला किस्सा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी नई पुस्तक के विमोचन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक पुराना किस्सा साझा किया। शिवराज सिंह ने 'अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव' नाम की नई किताब लिखी है।

शिवराज की नई पुस्तक अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव का विमोचन, सुनाया ईमेल-फीमेल वाला किस्सा
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपनी नई पुस्तक 'अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव' का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की पारंपरिक कार्यशैली और तकनीक को अपनाने में आई शुरुआती झिझक का जिक्र किया।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता पारंपरिक तरीके से काम करते रहे हैं और कई बार तकनीक का व्यापक उपयोग करने की मानसिकता नहीं रही। उन्होंने मोबाइल फोन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इसे 'फाइव-स्टार कल्चर' से जोड़ा जाता था।

सुनाया ईमेल आईडी और पीएम मोदी से जुड़ा किस्सा

विमोचन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब नरेंद्र मोदी पार्टी के प्रभारी के तौर पर मध्य प्रदेश आए थे, तब मैं राज्य इकाई में महासचिव था। इस दौरान चुनाव तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई थी।

शिवराज सिंह ने कहा, ''बैठक के दौरान जब पीएम मोदी ने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है, तो उस समय शायद ही किसी के पास इसका जवाब था। लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। तब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर ने मजाक में पूछा, ''नरेंद्र भाई, आप यह 'फीमेल-फीमेल' क्या कह रहे हैं? इस फीमेल-ईमेल से क्या होगा?" इस पर सब हंस पड़े और कुछ लोगों के चेहरे पर व्यंग्यात्मक भाव भी थे।''

सोशल मीडिया पर सक्रिय होने का आदेश

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'जब मेरे जैसे कार्यकर्ता महत्व ही नहीं देते थे कि ये सोशल मीडिया में क्या रखा है। तब उन्होंने मुझे बुलाकर कहा कि हर विधायक और सांसद से कह दो कि 50 हजार से कम फॉलोअर हुए तो खतरा है, टिकट नहीं मिलेगा। जनता को जोड़ने के लिए जरूरी है। ...नरेंद्र भाई है दूर दृष्टा, जिन्होंने एआई का समिट यहां किया। दुनिया भर के एआई जानने वालों को यहां बुलाने का काम किया।'

शिवराज ने की पीएम मोदी की दूरदर्शिता की तारीफ

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नरेंद्र भाई ने ईमेल और तकनीक के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने कहा कि पीएम मोदी ने दूसरों से बहुत पहले यह समझ लिया था कि अगर भारत के भविष्य को आकार देना है और एक विकसित भारत का निर्माण करना है, तो प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी यह दूरदर्शिता पार्टी के भीतर तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात का किया जिक्र

अपनी पुस्तक के विमोचन पर केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा, "आतंकवाद अपने चरम पर था। कश्मीर घाटी में, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के अध्यक्ष थे। भाजपा ने तय किया कि एकता यात्रा का नेतृत्व वे करेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा।"

उन्होंने आगे कहा, "नरेंद्र भाई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। जब मैं पहली बार नरेंद्र भाई से मिला, तो उस पहली मुलाकात में ही मैंने उनके विचार देखे: जनता तक पहुंचना, लोगों को एकजुट करना और देशभक्ति की भावना जगाना। उन्होंने कहा कि तिरंगा सिर्फ श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं फहराया जाएगा। तिरंगा देश के हर नागरिक के दिल में लहराना चाहिए।"

अपनापन किताब में क्या

चौहान ने 'अपनापन' नामक इस पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने 35 वर्षों के संबंधों और अनुभवों का वर्णन किया है। चौहान ने अपनी नयी किताब में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 'असाधारण गर्मजोशी और संवेदनशीलता' ने उन्हें 2023 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक बड़े राजनीतिक संकट से उबारने में मदद की।"


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