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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले, हाथों में लाठी-डंडे लेकर शिविर में घुसे युवक, मेरी जान को खतरा

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में बस चर्चा है तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की और उनसे जुड़े विवादों की....ना तो स्वामी जी धरने से उठने के लिए तैयार हैं और ना ही प्रशासन पीछे हटने को तैयार है। इस मामले में जमकर सियासत भी हो रही है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बोले, हाथों में लाठी-डंडे लेकर शिविर में घुसे युवक, मेरी जान को खतरा
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प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के बाहर बीती रात जमकर हंगामा हुआ। अराजकतत्वों की भीड़ ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के भक्तों के साथ धक्कामुक्की भी की। आरोप है कि हंगामा कर रहे युवक ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ के नारे लगा रहे थे। माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कल्पवासी थाने में तहरीर देकर अपनी जान, शिविर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा बताया है। घटना को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला प्रशासन और सरकार पर निशाना साधा है।

कुछ युवकों ने किया जबरन शिविर में प्रवेश

तहरीर के मुताबिक, शिविर के बाहर शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच कुछ असामाजिक तत्व पहुंच गए। वह हाथों में लाठी-डंडे और भगवा झंडा लिए हुए थे। कुछ युवक जबरन शिविर में प्रवेश करने लगे। बाहर से आए युवकों ने उपद्रव मचाने की कोशिश की। मारपीट करने पर भी आमादा हो गए। उन्होंने कहा कि कल रात यहां पहुंचे लोग असलहों से लैस थे, उनकी मंशा ठीक नहीं थी, उन्हें खतरा है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चेतावनी दी है कि अगर शरारती तत्व शिविर में फिर प्रवेश करते हैं, तो श्रद्धालुओं और शिविर की संपत्ति को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इस बीच संत समाज से लेकर राजनेता तक इस मुद्दे में कूद पड़े हैं। अब ये लड़ाई संत बनाम संत नहीं, बल्कि एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है।

जमकर हो रही सियासत

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में बीते 7 दिनों से ना तो संगम की चर्चा है और ना ही साधु संतों की। बस चर्चा है तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की और उनसे जुड़े विवादों की। ना तो स्वामी जी धरने से उठने के लिए तैयार हैं और ना ही प्रशासन पीछे हटने को तैयार है। इस मामले में जमकर सियासत भी हो रही है।

अखिलेश यादव भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में मोर्चा खोले हुए हैं। अखिलेश यादव ने फिर योगी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है- कालनेमि को याद करने वाले बताएं कि कलयुग के कालनेमि कौन है? कालनेमि ही इनका काल बनके आएगा। वहीं अविमुक्तेश्वरानंद को मानने के लिए बाबा बागेश्वर समेत कई संतों ने भी बयान जारी किए हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

प्रयागराज में माघ मेला जारी है। श्रद्धालुओं का सैलाब लगातार संगम में आस्था की डुबकी लगा रहा है। साथ ही इधर बीते सात दिनों से ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का धरना भी जारी है। मौनी अमावस्या पर पालकी से जाकर संगम स्नान करने से रोके जाने के बाद वो त्रिवेणी मार्ग पर अपने शिविर के सामने फुटपाथ पर बैठे हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अफसरों से माफी मांगने की जिद पर अड़े हैं और उनका धरना चल रहा है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर प्रदेश के साथ ही देश भर में नेताओं, भक्तों और साधु-संतों की प्रतिक्रिया आ रही है। प्रयागराज के माघ मेला में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान चर्चा में आए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने अपने गुरु की जान पर खतरा बताया है। इसके बाद शिविर के आस-पास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। दरअसल, संदिग्धों की हलचल के बाद मेला प्रशासन ने दस सीसीटीवी लगाने का फैसला लिया है।

मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था, जानिए

18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।

प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में दो नोटिस जारी किए। पहले में उनके शंकराचार्य की पदवी लिखने और दूसरे में मौनी अमावस्या को लेकर हुए बवाल पर सवाल पूछे गए। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिस के जवाब भेज दिए थे।


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