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रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से हटाईं गईं 74 तस्वीरें, एसआईआर विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा मामला; प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

प्रियंका गांधी के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के बीकानेर हाउस में उनकी प्रदर्शनी से विरोध प्रदर्शनों की करीब 74 तस्वीरें हटाने को कहा गया। प्रियंका गांधी ने इसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताया।

रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से हटाईं गईं 74 तस्वीरें, एसआईआर विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा मामला; प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की दिल्ली में चल रही एकल प्रदर्शनी को लेकर विवाद सामने आया है। रेहान ने आरोप लगाया है कि बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ से हाल के युवा विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी करीब 74 तस्वीरें हटाने के लिए कहा। उनके मुताबिक, तिरंगे से जुड़ी दो तस्वीरें हटाने का निर्देश भी दिया गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

रेहान की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, तस्वीरों की राजनीतिक प्रकृति पर आपत्ति जताई गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनी बुधवार को निर्धारित समय पर शुरू हुई, लेकिन इसमें 70 से अधिक तस्वीरें नहीं लगाई जा सकीं। प्रदर्शनी में वन्यजीव फोटोग्राफी, अमूर्त कलाकृतियों और युवाओं के आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरें शामिल हैं। यह रविवार तक चलने वाली है।

रेहान ने इंस्टाग्राम पर क्या लिखा?

रेहान ने इंस्टाग्राम पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रबंधन ने उनसे अधिकांश तस्वीरें हटाने को कहा। उनके मुताबिक, उन्हें बताया गया कि तस्वीरें शाम पांच बजे तक नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द की जा सकती है। रेहान ने कहा कि ये तस्वीरें पिछले छह महीनों में हुए युवा आंदोलनों का दृश्य रिकॉर्ड थीं, न कि किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में दिया गया संदेश।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनी की योजना और तस्वीरों का लेआउट पहले ही प्रबंधन के साथ साझा किया गया था। इसके बावजूद उद्घाटन से ठीक पहले तस्वीरें हटाने की मांग की गई। रेहान के अनुसार, तिरंगे की दो तस्वीरों को हटाने पर भी आपत्ति जताई गई। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर हटाने से इनकार किया।

प्रियंका गांधी ने बताया युवाओं की आवाज दबाने का मामला

प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि तस्वीरों में केवल विरोध प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेजीकरण था और उनमें किसी के खिलाफ टिप्पणी या अपमानजनक सामग्री नहीं थी। प्रियंका ने इसे युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए आशंका जताई कि आज उनके बेटे के साथ ऐसा हुआ है, तो भविष्य में दूसरे कलाकारों के काम पर भी ऐसी रोक लग सकती है।

प्रदर्शनी जारी, लेकिन तस्वीरों को लेकर विवाद बरकरार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद के बावजूद ‘नो आइडिया इज फाइनल’ प्रदर्शनी को जारी रखा गया। इसमें करीब 40 तस्वीरें प्रदर्शित रहीं, जबकि 70 से अधिक तस्वीरें हटा दी गईं। रेहान ने कहा कि वह हटाई गई तस्वीरों को किसी दूसरे स्थान पर प्रदर्शित करने की कोशिश करेंगे।

फिलहाल, बीकानेर हाउस प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में तस्वीरें हटाने के पीछे बताए गए कारणों पर प्रबंधन का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। यह विवाद कला की स्वतंत्रता, सार्वजनिक स्थलों की नीतियों और राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषयों को प्रदर्शित करने के अधिकार पर बहस को सामने लाता है।


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