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रांची में छात्रों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी, सीएम आवास के घेराव की तैयारी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के अगले चरण को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी की है।

रांची में छात्रों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी, सीएम आवास के घेराव की तैयारी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
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रांची। जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के अगले चरण को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी की है।

हालांकि आंदोलित छात्रों ने औपचारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया है, लेकिन खुफिया इनपुट के मद्देनजर कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। तमाम सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में 100 से अधिक अतिरिक्त सशस्त्र जवानों को लगाया गया है। इनमें झारखंड जगुआर और झारखंड आर्म्ड पुलिस के जवान शामिल हैं। सूचना भवन चौक से राम मंदिर चौक तक बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री आवास के आसपास करीब 500 मीटर के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है।

सुरक्षा कारणों से सूचना भवन से एटीआई की ओर जाने वाले मार्ग को भी बंद किया गया है। पूरे इलाके पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखे जाने की जानकारी है। सुरक्षा इंतजामों के कारण कांके रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ है। मोराबादी और कचहरी चौक की ओर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। छात्रों का आंदोलन करीब 20 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है।

आंदोलनकारी जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच समेत परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में जेपीएससी सिविल सेवा और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की सीबीआई जांच शामिल है।

10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा घेराव किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। बाद में लाठीचार्ज भी हुआ। इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने अपना आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया था।

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। भाजपा समेत विपक्षी दल छात्रों के समर्थन में सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। भाजपा नेताओं ने पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन भी किया था और उन्हें हिरासत में लिया गया था।



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