Top
Begin typing your search above and press return to search.

रांची में संघ कार्यालय पर हमला: मुख्य आरोपी हवालात से भागा, मुठभेड़ में गोली लगने के बाद फिर गिरफ्तार

रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झारखंड प्रांत कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले के मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। हमले के आरोप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया और बाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मुठभेड़ में घायल हमलावर का नाम सैफ बताया है।

रांची में संघ कार्यालय पर हमला: मुख्य आरोपी हवालात से भागा, मुठभेड़ में गोली लगने के बाद फिर गिरफ्तार
X

रांची। रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झारखंड प्रांत कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले के मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। हमले के आरोप में गिरफ्तार मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया और बाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मुठभेड़ में घायल हमलावर का नाम सैफ बताया है।

पुलिस के अनुसार, आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में गिरफ्तार आरोपी को कोतवाली थाना परिसर के हवालात में रखा गया था। गुरुवार दोपहर वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस की टीमों ने उसका पीछा किया। मांडर क्षेत्र में आरोपी को घेरने की कोशिश के दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम से हमला किया गया था। सीसीटीवी फुटेज में दो युवक कार्यालय परिसर की ओर बम फेंकते दिखाई दिए थे। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और कार्यालय को भी बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा था।

इस मामले में आरएसएस के झारखंड प्रांत प्रमुख नरसिंह कुमार की शिकायत पर चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में कहा गया है कि पेट्रोल बम फेंककर कार्यालय को निशाना बनाया गया और इससे वहां मौजूद लोगों की जान को खतरा उत्पन्न हुआ। शिकायत में इसे एक गंभीर साजिश बताते हुए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी।

पुलिस ने मामले में यूएपीए की धाराएं भी जोड़ी हैं। आरएसएस की ओर से कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाने और परिसर के आसपास स्थायी पुलिस पिकेट स्थापित करने की मांग की गई है।

संगठन का कहना है कि कार्यालय परिसर में नियमित रूप से कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी रहते हैं तथा ऐसी घटना भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकती है। पुलिस इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां हमले के पीछे की साजिश, आरोपियों के आपसी संपर्क और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहन छानबीन की जा रही है।



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it