Top
Begin typing your search above and press return to search.

राम मंदिर में रोजाना होती थी लाखों की हेराफेरी, चोरी उजागर होते ही दान में आया जबरदस्त उछाल

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच के दौरान बड़ा खुलासा। बैंक आंकड़ों के अनुसार चोरी का मामला सामने आने के बाद दान 16-18 लाख से बढ़कर 24-26 लाख रुपये प्रतिदिन पहुंचा। ट्रस्ट पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ जारी।

राम मंदिर में रोजाना होती थी लाखों की हेराफेरी, चोरी उजागर होते ही दान में आया जबरदस्त उछाल
X

अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (SIT) को बैंक से मिले शुरुआती आंकड़ों में यह संकेत मिला है कि कथित चोरी का मामला उजागर होने से पहले प्रतिदिन मंदिर ट्रस्ट के खातों में औसतन 16 से 18 लाख रुपये जमा हो रहे थे। वहीं, मामला सामने आने के बाद यही राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

इन आंकड़ों के आधार पर जांच एजेंसियां इस संभावना की भी पड़ताल कर रही हैं कि पहले प्रतिदिन करीब 6 से 8 लाख रुपये की कथित हेराफेरी हो रही थी। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है और जांच जारी है।

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से दोबारा लंबी पूछताछ

शुक्रवार को SIT ने दूसरी बार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव से कई घंटों तक पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, इस बार जांच का फोकस केवल चढ़ावे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तीनों की व्यक्तिगत संपत्तियों, आय के स्रोत और वित्तीय लेन-देन पर भी सवाल पूछे गए।

SIT ने तीनों से उनकी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि बीते वर्षों में उनकी संपत्तियों में हुई वृद्धि का आधार क्या रहा।

ऑडिट रिपोर्ट और बैंकिंग प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

जांच टीम ने ट्रस्ट से वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का री-ऑडिट कराने की संभावना पर भी विचार कर रही है।

इसके साथ ही बैंक अधिकारियों और नकदी गिनने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। अधिकारियों से यह जानने की कोशिश की गई कि बैंक और ट्रस्ट के बीच तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन क्यों नहीं हुआ और यदि किसी स्तर पर अनियमितता की आशंका थी तो उसकी सूचना समय रहते क्यों नहीं दी गई।

निजी एजेंसी की भूमिका पर भी उठे सवाल

SIT ने यह भी जांच शुरू की है कि जब निजी सुरक्षा एजेंसी को केवल सुरक्षा व्यवस्था के लिए नियुक्त किया गया था, तब उससे चढ़ावे की नकदी गिनने जैसा संवेदनशील कार्य क्यों कराया गया। जांच एजेंसी बैंक कर्मचारियों और संबंधित एजेंसी की भूमिका का भी परीक्षण कर रही है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

उधर, ट्रस्ट की आगामी बैठक भी चर्चा में है। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के अस्पताल में भर्ती होने के कारण बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। माना जा रहा है कि जांच की प्रगति और ट्रस्ट के भविष्य से जुड़े कई अहम फैसले आगामी बैठक में लिए जा सकते हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it