राम मंदिर दान प्रकरण: एनडीए नेता बोले- 'योगी सरकार में नहीं बचेगा कोई दोषी', चंपत राय पर वीएचपी का जवाब
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज किए जाने पर एनडीए के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में कोई भी दोषी नहीं बचेगा। वहीं, विश्व हिंदू परिषद ने एफआईआर में चंपत राय का नाम शामिल नहीं होने पर जवाब दिया है।

नई दिल्ली। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज किए जाने पर एनडीए के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में कोई भी दोषी नहीं बचेगा। वहीं, विश्व हिंदू परिषद ने एफआईआर में चंपत राय का नाम शामिल नहीं होने पर जवाब दिया है।
एफआईआर को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, "योगी आदित्यनाथ की सरकार है, योगी आदित्यनाथ की सरकार में 'अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस' का नारा शुरू से दिया है। आप महसूस करते होंगे कि उसी के अनुरूप योगी जी का एक्शन भी रहा है। योगी सरकार में कोई भी दोषी नहीं बचेगा। जिसने गड़बड़ी की होगी, उसको जरूर सजा मिलेगी।"
बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर को सही फैसला बताया। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "राम मंदिर में चोरी हो, ये दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन वहां कार्रवाई कर रहा है। जो लोग इसमें संलिप्त पाए जाएंगे, उन्हें गिरफ्तार किया गया है और जो भी लोग इसमें शामिल होंगे, उन्हें भी किया जाएगा। सरकार का उचित कदम है।"
जदयू के सांसद संजय झा ने इस मामले पर कहा, "राम मंदिर सभी की आस्था का केंद्र है। जिसने भी चढ़ावे में गबन किया है, वह बिल्कुल गलत है। सरकार ने मामले में अपनी कार्रवाई शुरू की है। आरोपियों के खिलाफ जरूर कार्रवाई होगी।"
वहीं, एफआईआर में चंपत राय नहीं होने पर विश्व हिंदू परिषद (बीएचपी) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अपना जवाब देते हुए कहा, "इससे क्या हासिल होगा? वे जांच से बाहर नहीं हैं। उनसे भी पूछताछ होगी। मैंने 'छोटी मछली' और 'बड़ी मछली' वाली बात कही थी। एफआईआर में नाम एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर शामिल किए गए हैं। लेकिन मैं दोहराता हूं कि इसमें 'और अन्य लोग' भी शामिल हैं। इसलिए, न तो चंपत और न ही अनिल इस जांच के दायरे से बाहर हैं और न ही ऐसा कोई इरादा है।"
जदयू के एमएलसी नीरज कुमार ने इस मामले पर कहा, "चंपत राय हों या कोई अन्य, जिसने भी अपराध किया है, वो जेल जाएगा। भगवान के नाम पर लोगों ने दान के नाम पर आर्थिक सेवा दी थी। इस राशि का कोई गबन कर ले, ये बिल्कुल न्यायसंगत नहीं है। अगर साक्ष्य उनके (चंपत राय) के खिलाफ होंगे, तो वे कानून के दायरे में आएंगे और प्रभु राम का दंड भी उन्हें लगेगा।"


