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राम मंदिर चंदा विवाद पर बढ़ा सियासी घमासान, आज अयोध्या पहुंचेंगे नृपेंद्र मिश्र; सरकार बोली- यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला

राम मंदिर चंदा और चढ़ावा विवाद को लेकर अयोध्या में हलचल तेज हो गई है। नृपेंद्र मिश्र आज अयोध्या पहुंचेंगे, जबकि यूपी सरकार ने साफ कहा है कि यह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का आंतरिक मामला है और सरकार फिलहाल हस्तक्षेप नहीं करेगी।

राम मंदिर चंदा विवाद पर बढ़ा सियासी घमासान, आज अयोध्या पहुंचेंगे नृपेंद्र मिश्र; सरकार बोली- यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला
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लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदा और चढ़ावे को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। मामले को लेकर जहां अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है, वहीं कई साधु-संत और राजनीतिक दल भी पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। इसी बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के शनिवार को अयोध्या पहुंचने की सूचना ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि उनके दौरे के दौरान इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हो सकता है।

दान और वित्तीय लेन-देन का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग

राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर प्रधानमंत्री को एक नया पत्र भेजा गया है। पत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से स्थापना काल से अब तक प्राप्त सभी दान, खर्च, बैंक खातों, भूमि खरीद-बिक्री और अन्य वित्तीय गतिविधियों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

पत्र में कहा गया है कि देश और विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए धन, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं श्रद्धापूर्वक दान की हैं। ऐसे में भक्तों को यह जानने का अधिकार है कि उनके द्वारा दिए गए योगदान का उपयोग किस प्रकार किया गया। मांग की गई है कि ट्रस्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर आय-व्यय और ऑडिट रिपोर्ट सहित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक करे।

सरकार ने किया हस्तक्षेप से इनकार

अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने स्पष्ट किया है कि यह मामला पूरी तरह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने स्वयं मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई उसके नियमों के अनुसार की जाएगी।

शाही ने कहा कि सरकार फिलहाल इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही है। यदि भविष्य में ट्रस्ट किसी प्रकार की सहायता या सहयोग की मांग करता है, तो सरकार उस पर विचार कर सकती है। उनके अनुसार ट्रस्ट इस पूरे मामले को लेकर सतर्क है और किसी भी संभावित अनियमितता की जांच की जा रही है।

सीबीआई जांच की भी उठी मांग

विवाद के बीच विपक्षी नेताओं और कुछ सामाजिक संगठनों ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने चढ़ावे और दान से जुड़े आरोपों की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल सभी की नजर नृपेंद्र मिश्र के अयोध्या दौरे और ट्रस्ट की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे इस विवाद की दिशा तय हो सकती है।


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