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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अब तक एफआईआर नहीं, जांच पर उठे सवाल; जेवरात और नकदी के रिकॉर्ड भी घेरे में

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एफआईआर न होने पर सवाल उठ रहे हैं। एसआईटी नकदी, जेवरात और रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जानिए जांच से जुड़े ताजा अपडेट।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अब तक एफआईआर नहीं, जांच पर उठे सवाल; जेवरात और नकदी के रिकॉर्ड भी घेरे में
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अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। घटना सामने आने के कई दिन बाद भी आधिकारिक एफआईआर दर्ज न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच टीम) अब नकदी के साथ-साथ दान में मिले सोने-चांदी और अन्य कीमती जेवरातों के रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है। इस बीच ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

चोरी का मामला सामने आने के बाद बढ़े सवाल

बताया जा रहा है कि 6 जून को चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आया था। इसके बाद मंदिर प्रबंधन स्तर पर कुछ लोगों से पूछताछ की गई और कथित तौर पर कुछ रकम भी बरामद हुई। हालांकि इतने गंभीर मामले में अब तक औपचारिक एफआईआर दर्ज न होने पर कानूनी विशेषज्ञ और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी सवाल उठा रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शुरुआती चरण में ही पुलिस कार्रवाई होनी चाहिए थी। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जांच एजेंसियों द्वारा तथ्यों को इकट्ठा करने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

एसआईटी की जांच में रिकॉर्ड की पड़ताल

एसआईटी लगातार कई दिनों से मंदिर से जुड़े कर्मचारियों, पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान नकदी के रिकॉर्ड में कुछ विसंगतियों की जानकारी मिली है। इसके अलावा दान में मिले जेवरातों की रसीदों और अभिलेखों की भी गहन जांच की जा रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दान में प्राप्त कीमती वस्तुओं का पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध है या नहीं। इसी कड़ी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है।

पदाधिकारियों से पूछताछ जारी

मामले में ट्रस्ट से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है। जांच टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्डिंग और सुरक्षित रखे जाने की प्रक्रिया किस प्रकार संचालित की जाती थी। पूछताछ के दौरान कई बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों से दोबारा भी पूछताछ की गई है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। जांच एजेंसी विभिन्न बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

दान में मिले जेवरातों को लेकर भी जांच

कुछ श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यह दावा किया है कि दान में दी गई कीमती वस्तुओं की रसीद उन्हें नहीं मिली। ऐसे मामलों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। एसआईटी यह सत्यापित कर रही है कि दान में प्राप्त आभूषणों और अन्य वस्तुओं का रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज किया गया था या नहीं।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले में एसआईटी की जांच जारी है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित एफआईआर को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अयोध्या के इस बहुचर्चित मामले पर सभी की नजरें अब जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।


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