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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला पुलिस रिमांड पर, पूछताछ से हो सकते हैं बड़े खुलासे

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला को 13 घंटे की पुलिस रिमांड मिली। पुलिस को पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद, वहीं SIT ने ट्रस्ट पदाधिकारियों से छह घंटे तक पूछताछ की।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला पुलिस रिमांड पर, पूछताछ से हो सकते हैं बड़े खुलासे
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अयोध्या। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला को अदालत से 13 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस जेल से अपने साथ लेकर रवाना हुई। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान चोरी की रकम, कथित नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य अहम तथ्यों का खुलासा हो सकता है।

48 घंटे की रिमांड मांगी थी, कोर्ट ने 13 घंटे की मंजूरी दी

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत ने अविनाश शुक्ला की 13 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की। जांच अधिकारी और क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने अदालत से 48 घंटे की पुलिस रिमांड की मांग की थी, ताकि आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा सके और अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें। हालांकि अदालत ने सीमित अवधि की रिमांड मंजूर की।

पुलिस के अनुसार, अविनाश शुक्ला के पास से 20.39 लाख रुपये से अधिक नकदी, लगभग एक हजार अमेरिकी डॉलर तथा करीब 170 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए थे। इन्हीं बरामदगियों के आधार पर पुलिस उसे इस पूरे मामले का अहम किरदार मान रही है।

पूछताछ में सामने आ सकती हैं नई जानकारियां

जांच एजेंसियों का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से चोरी की रकम के स्रोत, संभावित छिपाने के स्थानों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। पुलिस उसके बताए गए संभावित ठिकानों पर भी जांच कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर जांच टीम आरोपी को उसके पैतृक गांव प्रतापगढ़ भी ले जा सकती है।

पुलिस ने अदालत को बताया कि जेल में हुई प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इसके अलावा उसकी मोटरसाइकिल समेत कुछ अन्य साक्ष्यों की बरामदगी भी अभी बाकी है।

अन्य आरोपियों की भूमिका भी हो सकती है स्पष्ट

जांच अधिकारियों का मानना है कि अविनाश शुक्ला से पूछताछ के बाद पूरे घटनाक्रम की कड़ियां और स्पष्ट हो सकती हैं। इससे अन्य आरोपियों की भूमिका, आपसी तालमेल और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता रही है तो उसके संबंध में भी नई जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या चोरी की रकम को अलग-अलग स्थानों पर छिपाया गया था।

SIT ने ट्रस्ट पदाधिकारियों से की लंबी पूछताछ

उधर, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने गुरुवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से लगभग छह घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान दान प्रबंधन प्रणाली, नकदी संग्रह, गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली गई।

एसआईटी यह भी जांच रही है कि नकदी गिनने के लिए नियुक्त एजेंसियों का चयन कैसे हुआ, बैंकिंग प्रक्रिया में किसकी क्या जिम्मेदारी थी और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर भी फोकस

जांच टीम सीसीटीवी निगरानी, कर्मचारियों की जांच प्रक्रिया, सुपरविजन व्यवस्था और नकदी प्रबंधन प्रणाली का भी परीक्षण कर रही है। साथ ही भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े अधिकारियों और आउटसोर्स एजेंसियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

मामले में आगे और पूछताछ तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। पुलिस और एसआईटी दोनों अलग-अलग स्तर पर पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने में जुटी हैं।


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