Top
Begin typing your search above and press return to search.

राज्यसभा में 9 नवनिर्वाचित सांसदों ने ली शपथ, पवन खेड़ा, सुष्मिता देव और सतीश पूनिया समेत कई नेता बने सदस्य

राज्यसभा के मानसून सत्र के पहले दिन पवन खेड़ा, सुष्मिता देव, सतीश पूनिया सहित 9 नवनिर्वाचित सांसदों ने उपराष्ट्रपति एवं सभापति सी.पी. राधाकृष्णन के समक्ष शपथ ली।

राज्यसभा में 9 नवनिर्वाचित सांसदों ने ली शपथ, पवन खेड़ा, सुष्मिता देव और सतीश पूनिया समेत कई नेता बने सदस्य
X

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नौ नए सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही इन सदस्यों ने आधिकारिक रूप से उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण कर ली और संसदीय कार्यवाही में भाग लेने के पात्र बन गए।

शपथ लेने वाले सदस्य देश के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के नेता शामिल हैं। नए सांसदों के शामिल होने से राज्यसभा की संरचना में बदलाव आया है और आगामी विधायी कार्यों में उनकी अहम भूमिका रहने की उम्मीद है।

इन नेताओं ने ली राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ

सोमवार को शपथ लेने वालों में गुजरात से भाजपा के मुकेशभाई जे. राठवा, कर्नाटक से कांग्रेस के पवन खेड़ा, मध्य प्रदेश से भाजपा के महेश केवट और राजस्थान से भाजपा के सतीश पूनिया प्रमुख रहे। इन नेताओं ने संविधान के प्रति निष्ठा व्यक्त करते हुए राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली।

पूर्वोत्तर भारत से भी नए प्रतिनिधियों ने उच्च सदन में प्रवेश किया। मेघालय से नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के जेम्स सांगमा और मिजोरम से खियांग्ते लालतलुआंगकिमा ने भी शपथ ग्रहण की।

पश्चिम बंगाल से तीन नए सदस्य शामिल

पश्चिम बंगाल से भी तीन सांसदों ने सोमवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। इनमें भाजपा के प्रकाश चिक बड़ाइक, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय शामिल हैं। शपथ ग्रहण के बाद सभी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही में भाग लेना शुरू कर दिया।

मानसून सत्र में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका

राज्यसभा में नए सदस्यों का आगमन ऐसे समय हुआ है जब संसद का मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए शुरू हुआ है। सरकार इस सत्र में कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष भी विभिन्न जनहित के मुद्दों को सदन में उठाने की रणनीति बना चुका है।

नवनिर्वाचित सांसद अब इन विधेयकों पर चर्चा, बहस और मतदान की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नए सदस्यों के शामिल होने से सदन की कार्यवाही और अधिक सक्रिय और प्रभावी हो सकती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it